रांची : रातू अंचल के राजस्व कर्मचारी सत्यप्रकाश श्रीवास्तव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर लिया है। मामले में पुलिस ने चार अपराधियों को धर-दबोचा। अपराधियों ने घटना में अपनी संलिप्पता स्वीकार कर ली है। अपराधियों के पास से एक रिवॉलवर, एक पिस्टल, गोली, मोबाइल और घटना में प्रयुक्त बाइक समेत अन्य सामान को बरामद कर लिया है।
घटना के संबंध में पुलिस ने बताया कि यह हत्याकांड पूरी तरह से ब्लाइंड केस था। जिसके उदभेदन के लिए ग्रामीण एसपी नौशाद आलम के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया था। गठित टीम ने बारीकी से जांच करते हुए इस कांड का उद्भेदन किया। जमीन कारोबारी उपेंद्र कुमार ने अपराधियों को सुपारी देकर राजस्वकर्मी सत्यप्रकाश श्रीवास्तव पर गोली चलवाई थी।
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सिमलिया और रातू मौजा में एक-एक जमीन के म्यूटेशन के लिए पैसा लेकर राजस्वकर्मी ने प्रतिकुल प्रतिवेदन दिया, जिससे जमीन का म्यूटेशन नहीं हो पाया। जिससे जमीन कारोबारी उपेंद्र कुमार नाराज था। प्रतिशोध में उसने सुपारी देकर राजस्वकर्मी पर गोली चलवाई, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने साफ शब्दों में कहा कि यह केस उन जमीन कारोबारी और सफेदपोश लोगों के लिए संदेश है जो ये सोचते हैं कि हम कहीं से क्रिमिनल हायर कर लेंगे और पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाएगी। पुलिस आरोपी जमीन कारोबारी की तलाश में छापेमारी कर रही है।
गिरफ्तार अपराधियों में गढ़वा का ज्ञान प्रकाश तिवारी उर्फ राजन तिवारी, ऋषिकांत शर्मा उर्फ बिट्टू शर्मा, आशीष पांडेय और रांची के ईरगू टोली का मनीष कुमार उर्फ गोलू शामिल है। एसआईटी टीम ने गढ़वा पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर सभी को पकड़ा।
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हत्या से पहले की गई थी रेकी
पुलिस ने बताया कि अपराधियों ने राजस्वकर्मी को गोली मारने से पूर्व 2-3 दिनों तक उनकी रेकी की थी। 12 फरवरी को जैसे ही वे अंचल कार्यालय से घर के लिए निकले अपराधियों ने रातू थाना क्षेत्र के काठीटांस से तिलता जाने वाली सड़क पर उन्हें गोली मार दी। अपराधियों की मंशा केवल उन्हें डराने की थी। मगर गोली लगने के कारण वे गंभीर रूप से घायल हो गए। रातू पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए मेडिका में भर्ती कराया था। जहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली एम्स भेजा गया था। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।












