धनबाद : कोरोना संक्रमित मरीज को बेड नहीं मिला और एंबुलेंस में ही तड़प तड़प कर उनकी जान चली गई। यह मामला बुधवार की देर रात धनबाद के कतरास से सामने आया है। कतरास के 50 वर्षीय अहमद खान की सांसें फूल रही थी। उनका भतीजा रॉसी अख्तर डॉक्टरों से और अस्पताल प्रबंधन से मदद की गुहार लगा रहा था। मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। रॉसी अख्तर बार-बार हाथ जोड़कर अस्पताल कर्मियों से विनती कर रहा था कि कम से कम उनके चाचा को एंबुलेंस में ही ऑक्सीजन लगा दिया जाए, मगर किसी ने नहीं सुनी। स्ट्रेचर ना होने की बात कहकर कर्मियों ने उन्हें छुआ तक नहीं। गुहार लगाते-लगाते उनके चाचा ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया।
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रॉसी ने बताया कि कई दिनों से उनके चाचा की तबीयत खराब थी। जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिसके बाद ये लोग उन्हें लेकर अशर्फी अस्पताल पहुंचे। वहां बेड नहीं होने की बात कहकर उन्हें वापस लौटा दिया गया। फिर ये लोग एसएनएमएमसीएच पहुंचे। वहां भी बेड नहीं होने की बात कही गई। किसी तरह इन लोगों ने किसी अधिकारी से बात की, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन बेड देने को तैयार हो गया। मगर अस्पताल के कर्मियों ने स्ट्रेचर ना होने की बात कहकर उन्हें एंबुलेंस में ही तड़पता छोड़ दिया। रात 11:30 बजे से उनकी सांसे फूलते-फूलते 12:05 पर उनकी सांसे रुक गई। रॉसी ने बताया कि मृतक की केवल एक बेटी है। वह स्कूल की गाड़ी चला कर किसी तरह परिवार का भरण पोषण करते थे। पिछले 1 साल से स्कूल बंद होने के कारण उनका काम धाम भी बंद था।












