Ranchi : झारखंड में माओवाद के खिलाफ लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। राज्य की DGP तदाशा मिश्रा ने स्मॉल एक्शन टीम यानी SAT के बड़े पुनर्गठन का आदेश दिया है। मकसद साफ है कि कम टीम, लेकिन ज्यादा ताकतवर और असरदार। पहले राज्य में 124 SAT टीमें काम कर रही थीं। अब इन्हें घटाकर 73 किया जायेगा। ताकि हर टीम पूरी क्षमता के साथ काम करे। वहीं, जवानों की कमी से अभियान प्रभावित न हो। पुनर्गठन की पूरी रणनीति तैयार करने के लिये तीन बड़े अफसरों की हाई लेवल कमेटी बनाई गई है। इसके अध्यक्ष झारखंड जगुआर के DIG इन्द्रजीत महथा, सदस्य DIG एस कार्तिक एवं कोल्हान के DIG अनुरंजन किस्पोट्टा होंगे। यह टीम सभी रेंज के DIG से तालमेल कर रिपोर्ट तैयार करेगी।
ऐसे होगी नई तैनाती
नई रणनीति के तहत SAT को तीन हिस्सों में बांटा जायेगा। माओवाद मुक्त 13 जिले। हर जिले में 2 SAT टीम यानी कुल 26 टीमें तैनात होगी। बाकी 11 हर जिले में 1 टीम यानी कुल 11 टीमें तैनात होगी। बची हुई 36 टीमें संगठित अपराध और विशेष ऑपरेशन में लगेंगी। यहां याद दिला दें कि 2015-16 में जब SAT बनी थी, हर टीम में 20-22 जवान थे। आधुनिक हथियारों से लैस टीम समय के साथ तबादले, बीमारी और अन्य कारणों से कई टीमों में सिर्फ 5-10 जवान ही बचे। इससे अभियान की ताकत कमजोर पड़ रही थी। अब जिला बल, JAP और IRB मिलकर नई ताकत बनायेंगे।
नई व्यवस्था में जिला बल से 37 टीमें, JAP की 9 बटालियन से 18 टीमें एवं IRB की 9 बटालियन से 18 टीमें बनेगी। यानी पूरा सुरक्षा तंत्र मिलकर नई SAT तैयार करेगा। अब SAT सिर्फ जंगलों तक सीमित नहीं रहेगी। इन्हें क्राइम टास्क फोर्स (CTF) के रूप में भी इस्तेमाल किया जायेगा। यानी, माओवाद, गैंग अपराध, संगठित नेटवर्क सब पर एक साथ प्रहार होंगे।
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