Kohramlive : उत्तराखंड में भारी बारिश एक बार फिर कहर बनकर टूटी है। उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव में बादल फटने के बाद खीरगंगा नाला उफान पर आ गया और देखते ही देखते भयावह बाढ़ आ गई। DM प्रशांत आर्य ने बताया कि इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग लापता हैं और मलबे में दबे होने की आशंका है। धराली में पानी का सैलाब गांव की ओर आते ही चीख-पुकार मच गई। कई होटल व दुकानें ध्वस्त हो गईं, धराली बाजार पूरी तरह तबाह हो गया। आर्मी, पुलिस और SDRF की टीमें भटवाड़ी के लिए रवाना हुई। उत्तरकाशी–बड़कोट क्षेत्र के बनाल पट्टी में डेढ़ दर्जन बकरियां भी बह गईं। मौसम विभाग ने 10 अगस्त तक पूरे प्रदेश, खासतौर से पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा की दृष्टि से देहरादून, पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार में स्कूल बंद रखने के आदेश दिये गये हैं। यमुनोत्री हाईवे स्यानाचट्टी के पास करीब 25 मीटर तक धंस गया। जिससे आवाजाही ठप हो गई। गंगोत्री हाईवे पर भी नाग मंदिर, डबराणी व नेताला के पास मलबा आने से कई घंटे आवागमन बाधित रहा। NH विभाग और BRO की मशीनें मार्ग खोलने में जुटीं हैं CM पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुये कहा “SDRF, NDRF और प्रशासन की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं। मैं लगातार निगरानी कर रहा हूं।” राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने केंद्र सरकार से दो MI और एक चिनूक हेलिकॉप्टर उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से रेस्क्यू हो सके।
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