Ranchi : झारखंड की मिट्टी का सच्चा सपूत, पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन अब बस यादों में रह गये। जब उनका पार्थिव शरीर रांची से उनके पैतृक गांव नेमरा (रामगढ़) ले जाया जा रहा था, तो रास्ते में हर मोड़, हर चौराहे पर भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
हजारों आंखों में आंसू थे और हाथ जुड़े थे गांवों से लेकर शहरों तक, आमजन से लेकर बुजुर्गों तक, सबने अपने नेता को अंतिम प्रणाम किया। मानो हर चेहरा कह रहा हो “जाते-जाते भी दिशोम गुरु, तुम हमारे दिलों में अमर हो गये…” यह कोई विदाई नहीं थी, यह था उस विश्वास, उस संघर्ष और उस प्रेम को सलाम, जो शिबू सोरेन ने अपने जीवन में जन-जन के साथ बांटा था।










