Ranchi/Chatra (Pawan Thakur) : “मेहनत-मजदूरी कर थोड़ा बहुत जमीन खरीदे थे। उस पर भी गांव के दबंगों ने कब्जा कर लिया। खून-पसीने की कमाई से खरीदी गई जमीन को खोना नहीं चाहते थे, सो मदद के लिए पार्टी के पास चले गये। पार्टी के लोगों ने बोला… पहले बंदूक थामो, फिर जमीन तुझे दिला देंगे। साल 2014 में मैने बंदूक थामा और अपराध के दलदल में धंसता चला गया। पार्टी में कुछ समय बाद मुझे बड़े कमांडरों से मिलवाया गया। राकेश भुईंया और कुंदन यादव के साथ चकरबंधा के जंगलों में दबदबा कायम हो गया।
लड़का हो या लड़की हर किसी का जमकर होता है शोषण
2018 में एरिया कमांडर बन गये। कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया। पर अब पार्टी के अंदर कुछ भी ठीक नहीं। लड़का हो या लड़की हर किसी का जमकर शोषण होता है। केवल लेवी का खेल होता है। खाने-पीने से लेकर रहने तक में बहुत दिक्कत है। इसी बीच सरकार की सरेंडर पॉलिसी के बारे में सुना। पता चला कि चतरा के एसपी भी अच्छा साहेब हैं। उनसे सबकुछ समझा-बूझा और आज सरेंडर कर दिया। घरवाली भी चाहती थी कि हम सरेंडर कर दें।” यह कहना है आत्मसमर्पण कर चुके भाकपा माओवादी एरिया कमांडर कमलेश यादव का। पुलिस फाइल में दर्ज 8 संगीन मामलों में वांटेड कमलेश यादव ने आज चतरा पुलिस के सामने सरेंडर किया। उसने सरकार की सरेंडर पॉलिसी नई दिशा के तहत सरेंडर किया। मौके पर चतरा के पुलिस कप्तान राकेश रंजन और उपायुक्त अबू इमरान ने एक लाख का चेक कमलेश को दिया। सुनें क्या बोले सरेंडर कर चुका एरिया कमांडर कमलेश यादव और पुलिस कप्तान राकेश रंजन…
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