Ranchi : देश में कोरोना के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। झारखंड भी इससे अछूता नहीं है। संक्तमितों की संख्या रोज बड़ रही है। मरीजों के मौत का सिलसिला भी जारी है। भयावह तस्वीर यह है कि मरने के बाद भी मरीजों के शव का अंतिम संस्कार नहीं हो रहा है। 72 घंटों से ज्यादा बीत गये हैं, पर झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में शवों ट्रॉली में बांछ कर रखे हुए हैं। व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं। तीन से पड़े शवों को इंतजार है मुक्ति की। इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
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एसी नहीं होने के कारण अब सारे शव सड़ने-गलने शुरू हो गये हैं। दुर्गंध ऐसी कि उदर से गुजरा मुश्किल है। आसपास का माहौल भी खराब होने लगा है। मृतकों के परिजनों का कहना है कि शवों की अंत्येष्टि के लिए जिला प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। कोई भी अधिकारी मृतकों के परिजनों से बात नहीं कर रहे। वहीं जारी किए गए इमरजेंसी नम्बर पर भी बात नहीं हो पा रही है।
इधर, हरमू स्थित मोक्षधाम का दृष्य भी भयावह है। दस से ज्यादा एंबुलेंस खड़े, सभी में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के शव। सभी को इंतजार अंतिम संस्कार का।
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