Saraikela : सरायकेला-खरसावां के राजनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराने की कोशिश में जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती गर्भवती विनीता बानरा प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। परिजनों का इल्जाम है कि अस्पताल में बिजली नहीं थी। मजबूरी में मोबाइल की रोशनी में प्रसव की कोशिश की गई। इसी कोशिश में जच्चा-बच्चा की जान चली गई। इस बात की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा उबाल पर आ गया। भाजपा ने अस्पताल के बाहर जोरदार धरना दिया।
भाजपा नेता हरे कृष्ण प्रधान के नेतृत्व में खूब नारेबाजी “जवाब दो, जिम्मेदार कौन?” हुई। पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने सरकार पर प्रहार करते हुये कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था खुद बीमार हो चुकी है। उन्होंने सवाल किया कि “21वीं सदी में भी अस्पताल में बिजली नहीं, ये कैसी व्यवस्था?” भाजपा नेताओं ने कहा कि यह हादसा नहीं, सिस्टम की विफलता है। लापरवाही ने दो जिंदगियां ले ली। भाजपा ने मृतक के परिजनों को ₹50 लाख मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी एवं दोषियों पर हत्या का केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। मृतका के पति ने भी इंसाफ की गुहार लगाई है। इधर, एक प्रतिनिधिमंडल ने SDO के माध्यम से उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा है। जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई गई है। खबर है कि एक डॉक्टर को निलंबित कर दिया गया है।
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