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खूंटी के DC ने ग्रामीणों के साथ उठाई बोरी, बोरीबांध बनाने में किया श्रमदान 

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खूंटी : खूंटी के DC ने ग्रामीणों के साथ उठाई बोरी, बोरीबांध बनाने में किया श्रमदान। खूंटी के उपायुक्त शशि रंजन ने मुरहू प्रखंड के दौरे के दौरान हेठगोवा पंचायत अंतर्गत गुटीगड़ा गांव के लीजानूरा नाले पर बोरीबांध निर्माण के लिए ग्रामीणों के साथ मिलकर श्रमदान किया। लोगों के साथ मिलकर बोरी भी उठाई।

इस दौरान डीसी शशि रंजन ने कहा कि मुरहू प्रखंड के जल संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन और सेवा वेलफेयर सोसाईटी द्वारा संयुक्त रूप से चलाये जा रहे जनशक्ति से जलशक्ति आंदोलन से पानी की समस्या के समाधान के साथ सकारात्मक सामाजिक बदलाव भी प्रदर्शित हो रहा है।

200 से ज्यादा ग्रामीणों ने श्रमदान किया

गुटीगड़ा में एक, डेहकेला में दो और पंगूरा गांव में एक बोरीबांध का निर्माण किया गया। इन तीनों स्थानों पर 200 से ज्यादा ग्रामीणों ने श्रमदान किया। बोरीबांध फेज वन में पिछले वर्ष 96 बोरीबांध का निर्माण हुआ था। फेज टू में अब तक कुल 10 बोरीबांधों का निर्माण किया जा चुका है। अड़की के मुरगीडीह में दो, मुरहू के पंगूरा में दो, डेहकेला में दो, गुटीगड़ा में दो, बुरूहातु में दो बोरीबांध बनाये जा चुके हैं। फेज टू में बनाये गए बोरीबांधों से 100 एकड़ भूमि सिंचित हो सकती है।

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बोरीबांध बनने से खेती में मिलेगी सुविधा

बोरीबांध के बन जाने से ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें खेती करने में सुविधा होगी। बोरीबांध के निर्माण से अब पानी की समस्या नहीं होगी। गुटीगड़ा गांव के लीजानूरा नाले पर दो बोरीबांधों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा केवड़ा पंचायत के डेहकेला और पंगूरा गांवों में भी एक-एक बोरीबांध का निर्माण किया जा रहा है।

DC ने ग्रामसभा की भूमिका की सराहना की

उपायुक्त ने ग्रामीणों से चर्चा करने के क्रम में बताया गया कि ग्रामसभा ने इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने ग्रामीणों की सराहना की, जिन्होंने सीमेंट की बोरियों में बालू और मिट्टी भरकर बांध बनाने का काम किया। मौके पर उपायुक्त ने कहा कि खूंटी जिले में अधिकतर जनसंख्या खेती पर सीधे रूप से निर्भर है। किसान खेती के लिए जल की समस्याओं के विरुद्ध जल संरक्षण के प्रभावशाली माध्यम को अपनाते हुए अग्रसर हुए हैं।

इसी क्रम में उन्होंने बताया कि जहां पानी का उच्च स्तर हैं वहां लिफ्ट इरिगेशन की भी सुविधा की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि कुसुम, लाह आदि के लिए भी यहां पौधरोपण किया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीणों को मनरेगा के तहत मजदूरी भी मिलेगी। उपायुक्त द्वारा बताया गया मत्स्य पालन के लिए भी कार्य किये जायेंगे। ताकि इससे बहुआयामी लक्ष्यों को पूर्ण किया जा सके।

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