Ranchi : रांची विश्वविद्यालय अब स्नातक के बाद पीजी की पढ़ाई को पूरी तरह नये अंदाज में शुरू करने जा रहा है। नया सत्र 2025-27 से छात्रों को विकल्प मिलेगा। एक साल का PG या पारंपरिक दो साल का PG। नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत पीजी की पढ़ाई अब दो फॉर्मेट में होगी। 1 साल का PG (चार वर्षीय स्नातक वालों के लिये), 2 साल का PG (तीन वर्षीय स्नातक वालों के लिये)।विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिये सिलेबस और सीटों का बंटवारा भी तय कर दिया है। नामांकन प्रक्रिया भी इसी आधार पर होगी। अब पीजी सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तीन अलग-अलग मोड में पूरा किया जा सकेगा। मोड-1: 6 महीने कोर्स वर्क + 6 महीने रिसर्च, मोड-2: सीधे रिसर्च (कोर्स वर्क की जरूरत नहीं), मोड-3: रजिस्ट्रेशन + रिसर्च आधारित पढ़ाई। यानी अब छात्र अपने करियर के हिसाब से थ्योरी या रिसर्च का रास्ता चुन सकते हैं।
क्रेडिट सिस्टम से तय होगी पढ़ाई की ताकत
नई व्यवस्था में पढ़ाई को क्रेडिट सिस्टम से जोड़ा गया है। 2 साल का PG → 88 क्रेडिट, 1 साल का PG → 44 क्रेडिट, 1 साल का डिप्लोमा (एग्जिट ऑप्शन) → 44 क्रेडिट। खास बात यह है कि अगर कोई छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ता है, तो उसे डिप्लोमा देकर बाहर निकलने का विकल्प भी मिलेगा। पीजी रसायनशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नीरज के मुताबिक भविष्य में 4 साल UG + 1 साल PG ही स्टैंडर्ड बनेगा। इस सिस्टम से दूसरे राज्यों के छात्र भी आसानी से दाखिला ले सकेंगे। पढ़ाई और नौकरी के अवसर बढ़ेंगे। इस सत्र से पीजी वोकेशनल कोर्स में भी NEP लागू करने की तैयारी है। कुलपति डॉ. सरोज शर्मा ने सभी विभागों को नया सिलेबस तैयार करने का निर्देश दिया है।
इसे भी पढ़ें : साढ़े चार महीने की ‘नन्ही नजर’ ने जीता अवार्ड…
इसे भी पढ़ें : मधुबनी में बहू ने सास को उतारा मौ’त के घाट…
इसे भी पढ़ें : बड़कागांव में पुलिस की रेड…
इसे भी पढ़ें : शादी के 9 दिन बाद ह’त्या, नई दुल्हन बनी बेवा…
इसे भी पढ़ें : NYS इंटरनेशनल एकेडमी का ग्रैंड फेस्ट 5 मई को…






