Jamshedpur : जमशेदपुर में रहनेवाली केवल साढ़े चार महीने की वामिका इन दिनों सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रही है। अपनी असाधारण पहचान क्षमता से वामिका ने कर्नाटक की चाइल्ड ड्रीम बूस्टर हब बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की गिफ्टेड चाइल्ड प्रतियोगिता में नेशनल अवार्ड जीत लिया है। प्रतियोगिता में वामिका ने 113 अलग-अलग फ्लैश कार्ड्स को सही-सही पहचाना। इनमें फल और सब्जियां, रंग, दुनिया के अलग-अलग देशों के झंडे शामिल थे। खास बात यह है कि झारखंड से भाग लेने वाली वामिका अकेली बच्ची थीं, जिन्होंने पहला स्थान हासिल किया। यह प्रतियोगिता पूरी तरह ऑनलाइन आयोजित की जाती है। एक साल से कम उम्र के बच्चों की प्रतिभा को पहचानने के लिये वीडियो कॉल के जरिये उनकी क्षमता का आकलन किया गया। अप्रैल में हुये इस आकलन में वामिका ने जजों को हैरान कर दिया। वामिका की मां राम्या, जो शिक्षक बनने की तैयारी कर रही हैं, इस सफलता की असली कहानी बयां करती हैं। उन्होंने मीडिया को बताया कि गर्भावस्था के दौरान ही बच्चों के विकास पर जानकारी जुटाई। 3 महीने की उम्र से ही फ्लैश कार्ड्स का अभ्यास शुरू कर दिया। राम्या कहती हैं कि “मैं अपनी बेटी को वैज्ञानिक बनाना चाहती हूं, रोज उसे नई-नई चीजें दिखाते थे, और धीरे-धीरे उसने पहचानना शुरू कर दिया।” वहीं, वामिका के पिता राकेश, जो एक स्थानीय कंपनी में काम करते हैं, गर्व से कहते हैं कि “समाज में लोग बेटी होने पर उदास हो जाते हैं, लेकिन मुझे बेटी पर गर्व है, यह मेरी पत्नी की मेहनत का नतीजा है।” दादी गीता भी पोती की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। पूरे परिवार में इन दिनों खुशी और उत्साह का माहौल है।
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