Bokaro : बोकारो जिले के चास स्थित श्मशान घाट पर कोरोना संक्रमित शवों को जलाने के एवज में नशेड़ियों द्वारा 5 से 10 हजार रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। जानकारी मिलने पर चास पुलिस ने इन नशेड़ियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। उन्हें इस बात की चेतवानी दी कि यदि वे श्मशान के आसपास दिखे ताे फिर जेल जाएंगे।
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पहले यहां बैठकर करते थे नशा
पुलिस द्वारा पिटाई के पीछे मामला यह था कि ये नशेड़ी युवक चास गरगा पुल स्थित मां काली श्मशान घाट पर पहले से नशा किया करते थे। इन दिनों ये कोरोना संक्रमित शव का अंतिम संस्कार करने के लिए वसूली करने लगे थे। चूंकि, कोरोना संक्रमित शव का अंतिम संस्कार में बहुत कम लोग पहुंच रहे हैं। कभी-कभी तो दो-तीन लोग शव को लेकर अंतिम संस्कार करने पहुंचते हैं। इसी का ये नशेड़ी फायदा उठाने लगे।
मदद के नाम पर राशि लेना शुरू किया
बताया जा रहा है कि नशेड़ियों ने लोगों से पहले मदद के नाम पर कुछ राशि लेना शुरू किया। बीते दिनों जैसे ही इन्हें इस बात की जानकारी मिलती थी कि शव कोरोना मरीज का है, इसके बाद उसके परिजनों से ये लोग सौदा करने लगे। यह सौदा तीस हजार से प्रारंभ होकर पांच हजार तक जाता था। हर दिन पांच से दस शव के अंतिम संस्कार में ये लोग मदद करने के नाम काम पर ऐसा किया करते थे।
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श्मशान प्रबंधन समिति ने एसडीएम से की शिकायत
इस बात की शिकायत जब श्मशान प्रबंध समिति को मिली तो उन लोगों ने इसकी शिकायत एसडीएम शशि प्रकाश सिंह से की। उन्होंने चास पुलिस को ऐसे अवांछित तत्वों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। शनिवार की सुबह चास थाना की पुलिस के जवान पहुंचे और वैसे युवकों की पहचान की जो बेवजह श्मशान में बैठे हुए थे। पहले उनसे पूछताछ की और सही जवाब नहीं देने पर पिटाई की।
श्मशान समिति करती है लकड़ी से लेकर अंतिम संस्कार का इंतजाम
चास श्मशान घाट पर अधिक शव जलाने के पीछे सबसे बड़ा कारण यहां की सुविधा है। श्मशान में एक श्मशान समिति बनी हुई है। समिति मात्र 300 रुपये प्रति मन की दर से लकड़ी उपलब्ध कराती है। 500 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में वसूल करती है। इससे श्मशान की साफ-सफाई पानी की व्यवस्था एवं अन्य काम किए जाते हैं।
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