Patna : बिहार के बाहुबली एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व सांसद शाहबुद्दीन को भी कोरोना ने निगल लिया है। बाबुबली के मौत की पुष्टि तिहाड़ जेल के डीजी संदीप गोयल ने की है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद शहाबुद्दीन को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने आज अंतिम सांस ली।

तिहाड़ जेल प्रशासन को बिहार के बाहुबली और RJD के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के कोरोना संक्रमित होने का पता तब लगा जब, 20 अप्रैल को उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। जिस तरह के उसके शरीर में लक्षण नजर आए, उसके मद्देनजर कोरोना संक्रमण की जांच कराई गई। रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही शहाबुद्दीन को तुरंत तिहाड़ जेल के चिकित्सकों की निगरानी में दे दिया गया। इसके बाद भी शहाबुद्दीन की हालत में सुधार नहीं हुआ और उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट करना पड़ा। कल से ही उनकी तबीयत और बिगड़ने लगी और आज यानि 1 मई को शहाबुद्दीन ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
Jailed former RJD MP Mohammad Shahabuddin dies of COVID-19 at Delhi hospital: Tihar Jail DG
— Press Trust of India (@PTI_News) May 1, 2021
तेजस्वी यादव ने जताया शोक
राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी बाहुबली के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने अपने ट्वीटर पर लिखा है … “पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन का कोरोना संक्रमण के कारण असमय निधन की दुःखद ख़बर पीड़ादायक है। ईश्वर उनको जन्नत में जगह दें, परिवार और शुभचिंतकों को संबल प्रदान करें। उनका निधन पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। दुख की इस घड़ी में राजद परिवार शोक संतप्त परिजनों के साथ है।”
पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन का कोरोना संक्रमण के कारण असमय निधन की दुःखद ख़बर पीड़ादायक है। ईश्वर उनको जन्नत में जगह दें, परिवार और शुभचिंतकों को संबल प्रदान करें। उनका निधन पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। दुख की इस घड़ी में राजद परिवार शोक संतप्त परिजनों के साथ है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 1, 2021
खौफनाक तेजाब कांड के लिए भी जाने जाते थे शहाबुद्दीन
बाहुबली शहाबुद्दीन को सिवान के लोग खौफनाक तेजाब कांड को लेकर भी याद करते हैं। साल 2004 में चंदा बाबू के तीन बेटों गिरीश, सतीश और राजीव का बदमाशों ने अपहरण कर लिया। बदमाशों ने गिरीश और सतीश को तेजाब से नहला कर मार दिया था। जबकि इस मामले का चश्मदीद रहे राजीव किसी तरह बदमाशों की गिरफ्त से अपनी जान बचाकर भाग निकला। बाद में राजीव भाइयों के तेजाब से हुई हत्याकांड का गवाह बना। मगर 2015 में शहर के डीएवी मोड़ पर उसकी भी गोली मार कर हत्या कर दी गई। हत्या के महज 18 दिन पहले ही राजीव की शादी हुई थी। इस घटना के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया था।
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