दुमका : CM ने दुमका में फहराया तिरंगा : झारखंड की उपराजधानी दुमका के पुलिस लाइन में 72वें गणतंत्र दिवस पर हुआ राजकीय समारोह। CM हेमंत सोरेन ने यहां तिरंगा फहराया। अपने अभिभाषण में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के लोगों की भावना के अनुरूप नई स्थानीयता नीति परिभाषित कर रहे हैं। झारखंडी सरकार निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत पदों को स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित करने जा रही है। अल्पसंख्यक विद्यालय में कर्मी की नियुक्ति के लिए नियमावली बनाई जा रही है। शिक्षक एवं पुलिस भर्ती के लिए हम जल्द नियमावली ला रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने इस वर्ष को नियुक्ति वर्ष घोषित किया है और इस दिशा में कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। रिक्तियों को शीघ्र भरने के लिए विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है। झारखंड लोक सेवा आयोग से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने द झारखंड कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन रूल्स, 2021 का गठन किया है। जेपीएससी द्वारा अब प्रत्येक वर्ष इस नियमावली के तहत सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। प्रति वर्ष 50 खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति भी की जाएगी।
महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार गठन के उपरांत मंत्रिपरिषद् की प्रथम बैठक में ही हमने यह स्पष्ट संदेश दिया था कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य की महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए 181 हेल्पलाइन की शुरुआत की गयी है। महिलाओं को ये सभी सहायता एक स्थान पर ही उपलब्ध हो सके, इस उद्देश्य से “सखी वन स्टॉप सेंटर” का संचालन राज्य के प्रत्येक जिले में किया जा रहा है। साथ ही इसके माध्यम से महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के अवैध एवं अनैतिक व्यापार की रोकथाम, पीड़ितों के बचाव, पुनर्वास एवं स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। पलामू प्रमंडल मुख्यालय (मेदिनीनगर) एवं उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल मुख्यालय(हजारीबाग) में उज्जवला होम स्थापना के बाद अन्य तीन प्रमंडलों मुख्यालयों में उज्जवला होम शीघ्र चालू किये जायेंगे।
CM ने दिलाया संकल्प
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार ने सरना आदिवासी धर्म कोड को जनगणना में शामिल करने के लिए विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित कर केन्द्र सरकार को भेजा है। हो, कुडुख एवं मुंडारी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए भी राज्य सरकार की तरफ से प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आइए! हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि झारखंड को संवारने में हम सब पूरी जिम्मेवारी एवं निष्ठा से अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे, संविधान के आदर्शों के अनुरूप एक ऐसे झारखंड के निर्माण में अपनी महती भूमिका निभायेंगे, जहां ऊंच-नीच, अमीर-गरीब, अगड़ा-पिछड़ा का कोई भेदभाव न हो तथा सबों को गरिमामयी जीवन एवं सर्वांगीण विकास के लिए समुचित अवसर प्राप्त हों।
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