रांची/दुमका : झारखंड के पूर्व मंत्री हरिनारायण राय और उनकी पत्नी सुशीला देवी को 1.46 करोड़ रुपये के आय से अधिक मामले में सीबीआई की टीम ने दुमका से गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी दुमका जिले के टोंगरा थाना क्षेत्र के तरनी गांव से हुई है। तरनी हरिनारायण राय का ससुराल है।
हाइकोर्ट ने खारिज की थी अपील
हाईकोर्ट ने चार नवंबर को अपील खारिज करते हुए निचली अदालत की सजा को बरकरार रखा था। पूर्व मंत्री हरिनारायण राय के अलावा उनकी पत्नी सुशीला देवी और भाई संजय कुमार राय की ओर से दाखिल अपील को भी अदालत ने खारिज कर दिया था। अपील खारिज होने के बाद आत्मसमर्पण नहीं करने पर हरिनारायण राय गिरफ्तार किए गए हैं। सीबीआई की टीम उन्हें फिर जेल भेजेगी। सीबीआई की विशेष अदालत ने दिसंबर 2016 में 1.46 करोड़ के आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व मंत्री हरिनारायण राय, उनकी पत्नी सुशीला देवी व भाई संजय कुमार को पांच-पांच साल की सजा सुनाई थी। सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ तीनों ने हाइकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील के आधार पर ही पूर्व मंत्री को जमानत मिल गई थी, लेकिन सुनवाई के बाद अपील खारिज होने के बाद पूर्व मंत्री को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया गया था। आत्मसमर्पण नहीं करने पर ही सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया।
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मनी लाउंड्रिंग मामले में हो चुकी है सात साल की सजा
पूर्व मंत्री हरिनारायण राय के खिलाफ सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच की। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लाउंड्रिंग एक्ट में पूरे मामले का अनुसंधान किया। ईडी की विशेष अदालत से 4.33 करोड़ रुपये के मनी लाउंड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री हरिनारायण राय को सात साल की सजा हो चुकी है। इस सजा के खिलाफ भी पूर्व मंत्री ने हाई कोर्ट में अपील की है, जो फिलहाल लंबित है।
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