कोहराम लाइव डेस्क : इंडिया में सड़क हादसों को रोकने के प्रति मोदी सरकार अत्यंत गंभीर है। साल 2025 तक सड़क दुर्घटनाओं आधे पर लाने के लिए कटिबद्ध है। केंद्रीय परिवहन नितिन गडकरी ने कहा है कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हर जगह होना चाहिए। लोगों को यह ठीक से बताया जाना चाहिए कि सड़क यातायात कानून को तोड़ना उनके लिए अब भारी पड़ेगा।
स्वीडेन की दी मिसाल
नितिन गडकरी ने स्वीडन की मिसाल दी, जहां सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए बिल्कुल बर्दाश्त न करने (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई गई। सड़क सुरक्षा उपायों के संबंध में जागरुकता बढ़ाने और लोगों को शिक्षित करने के लिए बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
इसे भी पढ़ें : Daily 200 रुपये खर्च कर पूरा करें बुलेट का शौक, अपनाएं यह Process
हर रोज 30 किलोमीटर सड़क का निर्माण
गडकरी ने बताया कि भारत में हर रोज 30 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है। कोरोना महामारी के समय में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने राज्य सरकारों से कहा कि वे लोगों को सड़क पर सुरक्षित तौर पर चलने के लिए प्रोत्साहित करें और इस काम में स्वयंसेवी संगठनों को शामिल करें।
नियम तोड़ने पर महंगा इंश्योरेंस
ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर अब आपको पहले से महंगा इंश्योरेंस मिलेगा। बीमा नियामक IRDAI की एक वर्किंग ग्रुप ने सुझाव दिया है कि मोटर इंश्योरेंस के लिए एक ट्रैफिक वॉयलेशन प्रीमियम को जोड़ा जाए। जो लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करेंगे, उन्हें अपने ऑटो इंश्योरेंस के लिए अधिक प्रीमियम का भुगतान करना होगा।
इसे भी पढ़ें : India में Mid-Size एसयूवी लाएगी सुजुकी, जानें कहां होगा Production












