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सबसे अच्छा समय वर्तमान, जो सामने हो वही सबसे अच्‍छा दोस्‍त

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कोहराम लाइव डेस्क : हर आदमी के जीवन में समय, दोस्‍त और काम का अपने-अपने तरीके से महत्‍व होता है। ऐसा कोई नहीं, जिसे इनके महत्‍व से इनकार हो। सवाल सबसे अच्‍छा समय, सबसे अच्‍छा दोस्‍त और सबसे अच्‍छा काम का हो, तो जवाब आपके विजन पर निर्भर करेगा।

जीवन में अतीत और भविष्‍य कम महत्‍वपूर्ण नहीं हो सकते, पर वर्तमान में जीना और उसके मुताबिक आगे बढ़ने का महत्‍व सर्वाधिक है। सबसे अच्‍छा दोस्‍त वह है, तो विपत्ति में साथ दे, पर यदि वह आपके करीब हो तभी उसका महत्‍व है। सबसे अच्‍छा काम आपकी रुचि पर निर्भर करेगा, पर हकीकत यह है कि जो कर्म आपके लिए हाजिर है, वही सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण है। तो आइए, इसे जानने, समझने और जीवन से जोड़ने के खयाल से आज आपको एक प्रासंगिक कथा से रूबरू कराता हूं।

मंत्रियों से राजा ने पूछे ये तीन सवाल

एक राजा ने अपने मंत्रियों से तीन प्रश्न पूछे। पहला, सबसे अच्छा मित्र कौन है? दूसरा, सबसे अच्छा समय कौन सा है? तीसरा, सबसे अच्छा काम कौन सा है? कुछ मंत्रियों ने कहा कि जो समय और काम ज्योतिषी बताता है, वही सबसे अच्छा होता है। कुछ लोग बोले कि राजा के सबसे अच्छे मित्र मंत्री होते हैं। इन जवाबों से राजा संतुष्ट नहीं हुए।

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असंतुष्‍ट राजा पहुंचे संत के पास

इन प्रश्नों के जवाब मालूम करने के लिए राजा राज्य के सबसे विद्वान संत के पास पहुंचे। राजा ने संत का सिर्फ नाम ही सुना था, कभी भी वे संत से मिले नहीं थे। जब राजा संत के आश्रम में पहुंचे तो वहां कोई नहीं था। आश्रम के पास ही एक खेत में एक बूढ़ा व्यक्ति बीज बोने का काम कर रहा था। राजा उस बूढ़े के पास पहुंचे और उससे संत के बारे में पूछा। बूढ़े ने कहा कि आप जिससे मिलना चाहते हैं, वह व्यक्ति मैं ही हूं। बताइए क्या काम है।

राजा ने संत से दोहराए सवाल

अपने तीनों प्रश्न को राजा ने संत से पूछा। संत ने राजा से कहा कि बीज बोने में मेरी मदद करो। राजा बिना कुछ बोले संत की मदद करने लगे। काफी समय बीत गया, शाम होने वाली थी, लेकिन राजा को अपने प्रश्नों का उत्तर नहीं मिला। तभी वहां एक घायल व्यक्ति के चिल्लाने की आवाज आने लगी। संत ने राजा से कहा कि हमें उस व्यक्ति के पास चलना चाहिए। उसकी मदद करना हमारा कर्तव्य है।

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संत के पीछेपीछे गए राजा

संत के पीछे-पीछे राजा चल दिए। जैसे ही वे घायल व्यक्ति के पास पहुंचे। उसने राजा के पैर पकड़ लिए और माफी मांगने लगा। उसने बताया कि मैं आपको मारने आया था, लेकिन आपके सैनिकों ने मुझे घेर लिया था। उनके प्रहारों से मैं घायल हो गया हूं। किसी तरह वहां से बचकर जंगल में छिप गया था।

संत ने राजा के सवालो के जवाब समझाए

अपने प्रश्नों के बारे में राजा ने संत से पूछा। संत बोले कि आपके सभी सवालों के जवाब तो मिल गए हैं। सबसे अच्छा समय वर्तमान है। सबसे अच्छा मित्र वही है जो हमारे सामने होता है। सबसे अच्छा काम उपस्थित कर्म है। अगर ये बातें नहीं होती तो वह व्यक्ति आपका मित्र कैसे बनता जो आपको मारने आया था।

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