रांची : रांची विमेंस कालेज में मंगलवार को CBI का चापा पड़ा। लेक्चरर नियुक्ति घोटाले से जुड़ा है मामला। मिली जानकारी के अनुसार सीबीआइ की टीम ने एक प्रोफेसर ममता केरकेट्टा को हिरासत में लिया है। ममता इंग्लिश की शिक्षिका हैं। 2008 में इसकी नियुक्ति हुई थी।
यहां याद दिला दें कि सीबीआइ ने पूर्व में आरोप पत्र दाखिल किया था। सीबीआइ के आरोप पत्र पर हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया था। सीबीआइ ने आरोप पत्र में लिखा था कि जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप कुमार प्रसाद ने व्याख्याता नियुक्ति से संबंधित मेरिट लिस्ट तैयार करने की जिम्मेदारी निजी एजेंसी ग्लोबल इंफॉर्मेटिक्स को दी थी। इसके बाद ही मेरिट लिस्ट में छेड़छाड़ करते हुए कई अयोग्य अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण करा दिया गया। मेरिट लिस्ट जेपीएससी की तत्कालीन सचिव सह परीक्षा नियंत्रक एलिस उषा रानी के पास थी। 29 मार्च 2007 को दिलीप प्रसाद ने एलिस उषा रानी को मेरिट लिस्ट का चार्ट एजेंसी को देने का निर्देश दिया था।
निर्देश मिलने के बाद एलिस उषा रानी ने मेरिट लिस्ट का चार्ट ग्लोबल इंफार्मेटिक्स नामक एजेंसी को दी थी। इसके बाद लिस्ट दोबारा तैयार कर अभ्यर्थियों की रैंकिंग सुधारी गई, जबकि नियम के मुताबिक मेरिट लिस्ट प्राइवेट एजेंसी को नहीं दे सकते हैं। चार्जशीट के अनुसार मेरिट लिस्ट में अंकों की हेराफेरी में एलिस उषा रानी व ग्लोबल इंफॉर्मेटिक्स के कर्मचारी धीरज कुमार की भूमिका थी। मिले निर्देश के अनुसार ही धीरज कुमार ने लिस्ट में छेड़छाड़ की थी।
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