Kohramlive : डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग यानी NMC ने MBBS करने वाले स्टूडेंट्स के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है। इसके मुताबिक अब MBBS करने वाले स्टूडेंट्स को प्रवेश की तारीख से नौ साल के अंदर ही पाठ्यक्रम पूरा करना होगा। उन्हें पहले साल में उत्तीर्ण होने के लिए सिर्फ चार मौके ही मिलेंगे। NMC ने 2 जून को जारी गजट अधिसूचना कहा है कि NEET-UG योग्यता के आधार पर देश के सभी चिकित्सा संस्थानों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक कॉमन काउंसलिंग होगी।
काउंसलिंग पूरी तरह से एनएमसी द्वारा प्रदान की गई सीट मैट्रिक्स पर आधारित होगी, बशर्ते कॉमन काउंसलिंग में कई राउंड हो सकते हैं, जैसा कि आवश्यक हो सकता है।
अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप विनियम, 2021 के अनुसार स्नातक चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम में भर्ती हुए छात्र को अपना स्नातक तब तक पूरा नहीं माना जाएगा जब तक कि वह अपनी रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप पूरी नहीं कर लेता।
अंडर-ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (UGMEB) कॉमन काउंसलिंग के संचालन के लिए दिशानिर्देश जारी करेगा, और धारा 17 के तहत नामित प्राधिकारी प्रकाशित दिशानिर्देशों के अनुरूप काउंसलिंग आयोजित करेगा। सरकार काउंसलिंग के लिए एक नामित प्राधिकरण नियुक्त करेगी और सभी स्नातक सीटों के लिए अपनी एजेंसी और पद्धति तय करेगी और अधिसूचित करेगी। नए नियमों में कहा गया है कि कोई भी चिकित्सा संस्थान इन नियमों के उल्लंघन में किसी भी उम्मीदवार को स्नातक चिकित्सा शिक्षा (जीएमई) पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं देगा।
इसे भी पढ़ें : इस मामले से शुरू हुआ नए झारखंड हाईकोर्ट का पहला दिन…
इसे भी पढ़ें : CM हेमंत से मिले CCL के MD… देखें क्यों
इसे भी पढ़ें : झारखंड में गोधन न्याय योजना शुरू, क्या बोल गये मंत्री बादल… देखें
इसे भी पढ़ें : वंदे भारत एक्सप्रेस पहली बार पटना से पहुंची रांची… देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें : इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ‘बिपरजॉय’ बना खतरनाक










