Patna : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ प्रवक्ता और लंबे समय से संगठन का चेहरा रहे मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। खास बात यह है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब नेता प्रतिपक्ष और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव यूरोप दौरे पर हैं। इस्तीफे की घोषणा करते हुये मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि उन्होंने लंबे समय से अपनी समस्यायें और शिकायतें पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। ऐसे माहौल में सम्मान के साथ काम करना संभव नहीं रह गया था। मृत्युंजय तिवारी ने मीडिया को बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सौंपा। उन्होंने कहा कि एक समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ता होने के बावजूद अब उन्हें पार्टी में सम्मानजनक स्थान नहीं मिल रहा था।
‘तेजस्वी यादव तक भी पहुंचाई थी बात’
इस्तीफे के बाद तिवारी ने दावा किया कि उन्होंने अपनी शिकायतें कई वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव तक भी पहुंचाई थीं, लेकिन कहीं से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। उन्होंने कहा, “कोई भी व्यक्ति लगातार अपमानित होकर राजनीति नहीं कर सकता। मैंने पार्टी के कठिन दौर में भी पूरी निष्ठा से काम किया और हर परिस्थिति में संगठन के साथ खड़ा रहा।”
‘2014 में लालू यादव ने सौंपी थी जिम्मेदारी’
मृत्युंजय तिवारी ने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने उन्हें पार्टी का मीडिया प्रभारी और प्रवक्ता बनाया था। उन्होंने कहा कि उस जिम्मेदारी को उन्होंने पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभाया। मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी के भीतर सक्रिय कुछ लोगों पर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि ऐसे लोग संगठन को अंदर से कमजोर कर रहे हैं और उनके प्रभाव के कारण वास्तविक कार्यकर्ताओं की आवाज पार्टी नेतृत्व तक पहुंच ही नहीं पा रही। उन्होंने संकेत दिया कि जब संगठन में समर्पित कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जाती, तो असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है।
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