Ranchi (Akhilesh Kumar) : कुछ खास मौके खासकर नाग पंचमी के दिन सुखेन्द्र खंडित के घर लोगों का हुजूम जुटता है। उनके घर पहुंचे कुछ लोगों का मानना था कि उन्हें सुखेन्द्र खंडित की ”मंत्रों” से ही नया जीवन दान मिला है। वहां मिली कुछ लड़कियां, महिलायें और अन्य ने कहा कि उन्हें जहरीले सांप ने डंस लिया था। सुखेन्द्र खंडित के आंगन पहुंचे तो उन्हें नई जिंदगी मिली। सांप का जहर उनके बदन से खत्म हो गया। जीवन दान देने के बदले सुखेन्द्र खंडित केवल पूजा के दिन एक काला बकरा लेते हैं। इसका बलि चढ़ा उसे पका कर पूरे गांव में प्रसाद के रूप में बांट देते हैं। वहीं सुखेन्द्र खंडित का दावा है कि वह भगवान शंकर और मंशा देवी की पूजा-पाठ करते हैं। उनके आशीर्वाद से ही वो लोगों की जान बचा पाते हैं, ऐसे लोगों से केवल 15 सौ रुपये लेते हैं। जिनके पास पैसा नहीं, उन्हें मुफ्त में अपनी सेवा देते हैं। केवल शर्त्त यह है कि किसी भी जहरीले सांप के डंसने के बाद सर्पदंश के शिकार को होश में रहना जरूरी है, ताकि उनके द्वारा कहे गये मंत्र को वह सुन सके। अगर सांप के डंसने के बाद कोई बेहोश या उसका शरीर ठंडा पड़ गया तो वैसे लोगों को वे अस्पताल रेफर कर देते हैं। वहीं, किसी के घर में घुसे जहरीले सांप को भी वह अपने मंत्र के जरिये बड़े आसान तरीके से उसे अपने वश में कर लेते हैं, फिर सांप को जंगल में छोड़ देते हैं।
सुखेन्द्र खंडित का कहना है कि सांप किसी भी इंसान को देख उससे दूर भागना चाहता है। वह जल्दी किसी को डंसता नहीं, जब उसे खतरा महसूस होने लगता है तभी वह डंसता है। सांप को वह देवता के रूप में पूजते हैं। सुखेन्द्र खंडित ने बताया कि यह काम वह 15 साल के उमर से ही कर रहे हैं। यह सबकुछ उन्होंने अपने दादा और पिता से सीखा। अब सर्पदंश के शिकार लोगों को नई जिंदगी देने में जुटे हैं। सुखेन्द्र खंडित ने कहा कि बरसात के इस मौसम में अगर किसी के घर कोई जहरीला सांप घुस जाये तो वह उनकी सेवा ले सकते हैं। उन्होंने अपना नंबर 6299672481 और 6206109676 बताया। सुखेन्द्र खंडित का घर रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के राजाउलातू गांव में है। सुनें क्या बोले सुखेन्द्र खंडित और लोग…
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