- रांची में सरेंडर कर चुका है जीवन, 77 मामले हैं दर्ज, पश्चिमी सिंहभूम और खूंटी पुलिस के लिए था सिरदर्द
चाईबासा : भाकपा माओवादी का हार्डकोर नक्सली और 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर जीवन कंडुलना की निशानदेही पर चाईबासा पुलिस और सीआरपीएफ 60 बटालियन ने संयुक्त छापामारी अभियान चलाकर जंगल में छुपाकर रखे गए हथियारों का जखीरा बरामद किया है। बरामद समान में .303 का एक रायफल, .315 का तीन रायफल, 220 गोलियां, 2 गोली पाउच, 2 हैंड ग्रेनेड, कोडेक्स वायर, एक डेटोनेटर तथा अन्य समान शामिल हैं। यह जानकारी कोल्हान रेंज के डीआईजी राजीव रंजन सिंह ने पहली मार्च को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। मौके पर चाईबासा के एसपी अजय लिंडा भी मौजूद थे।
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नक्सलियों के पास से बरामद गोलियों की होगी जांच
डीआईजी राजीव रंजन सिंह ने बताया कि सरकार की सरेंडर पॉलिसी के अनुसार 10 लाख की राशि जीवन कांडुलना को ही मिलेगी। उन्होंने सभी नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ें और सरकार की सरेंडर पॉलिसी का लाभ लें। बंदूक थामने से समस्या का हल नहीं निकलेगा। उन्होंने बताया कि जो गोलियां नक्सलियों के पास से बरामद हुई हैं, यह जांच का विषय है कि ये गोलिया उन्हें सप्लाई कौन करता है। पुलिस को यह भी शक है कि जिन लोगों के पास लाइसेंसी राइफल है, वे लोग ही शायद नक्सलियों को गोलियां सप्लाई करते हैं। एक टीम गठित कर उनकी भी जांच की जाएगी। मजिस्ट्रेट की निगरानी में सभी लाइसेंस धारियों की बंदूक और कारतूसों की जांच की जाएगी। दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।
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उगले कई अहम राज
उल्लेखनीय है कि भाकपा माओवादी संगठन का जोनल कमांडर जीवन कंडुलना रांची पुलिस के समक्ष सरेंडर कर चुका है। उसने अपने संगठन का हथियार पोड़ाहाट में सोनुवा थाना अंतर्गत केड़ावीर टोला टेंडरकोचा के जंगल में छुपा कर रखने की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस पूछताछ के दौरान जीवन ने कई अहम राज भी उगले हैं। संगठन, हार्डकोर नक्सलियों एवं नक्सली समर्थकों के बारे में कई जानकारियां दी। उसकी निशानदेही के आधार पर जिला पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने छापामारी कर सोनुवा थाना अंतर्गत केड़ावीर टोला टेंडरकोचा के जंगल से चार राइफल, बड़ी संख्या में गोली, विस्फोटक सामग्री, नक्सली साहित्य, पर्चा आदि बरामद किया है। सोनुवा थाने में आर्म्स एक्ट एवं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं में कांड दर्ज किया गया है। जीवन पर जिले में 69 तथा राज्य में 77 कांड दर्ज हैं।
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पुलिस के लिए सिरदर्द था जीवन कंडुलना
हार्डकोर और इनामी नक्सली जीवन कंडुलना पुलिस और सुरक्षाबलों के लिए सिरदर्द बना हुआ था। पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा लगातार कार्रवाई के बाद नक्सली कमजोर होने लगे। नक्सली सारंडा छोड़कर पोड़ाहाट में सक्रिय हुए थे। जीवन चक्रधरपुर से लेकर खूंटी जिले में आतंक का पर्याय बन चुका था। उस पर पुलिस मुठभेड के साथ ही पुलिस और सुरक्षाबलों पर हमला करने, आईडी बम लगाने, हत्या,लेवी वसूली आदि के कई मामले दर्ज हैं।










