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खूंखार माओवादी जीवन कंडुलना ने कहा- बहन की हत्‍या का बदला लेने के लिए थाम लिया बंदूक, ऐसे हुआ संगठन से मोह भंग

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रांची (रूपम/राजेश) : 10 लाख के इनामी खूंखार माओवादी जीवन कंडुलना ने रांची एसएसपी और डीसी के समक्ष हथियार डालकर आत्‍मसमर्पण कर दिया। मुख्‍यधारा में लौटने के बाद “जीवन” ने अपनी जीवन गाथा बतायी।

मैं तो गांव का एक सीधा साधा लड़का था। परिवार के जीवन यापन के लिए नौंवी पास करने के बाद काम करने के लिए पंजाब के जालंधर चला गया था। जहां प्राइवेट नौकरी कर रहा था। इसी दौरान गांव के ही तीन-चार लड़कों ने मिलकर मेरी बहन सुभाषी कंडुलना के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी। इस घटना से मैं इतना आहत हुआ कि संगठन से जुड़कर उसका बदला लेने का निर्णय लिया। भाकपा माओवादी के निर्मल एवं प्रसाद जी उर्फ कृष्णा अहीर का दस्ता पिंडिंत कमरोड़ा बाजार में अक्सर आया करता था। निर्मल से संपर्क था सो उनसे मिलकर घटना की सारी जानकारी दी और फिर निर्मल के दस्ते में शामिल हो गया। पार्टी में शामिल होने के बाद मध्यम कुमार और राजकिशोर की हत्या कर अपनी बहन की मौत का बदला लिया। इस दौरान दो लड़के गांव छोड़कर भाग गए।  2010 से 2012 तक निर्मल के दस्ते में सक्रिय रहा। वर्ष 2012 में संगठन में मुझे एसएलआर दिया गया।

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निर्मल की गिरफ्तारी के बाद कृष्णा अहीर उर्फ प्रसाद जी के साथ जुड़कर काम करने लगा। इनके साथ संगठन में रहकर कई घटना को अंजाम दिया। 2018 संगठन को जानकारी मिली कि हमारी सारी जानकारी अब्राहम टोपनो पुलिस तक पहुंचाता है। जिसके बाद अमित मुंडा के नेतृत्व में एक मीटिंग की गई और इसमें तय किया गया कि अब्राहम टोपनो को मौत के घाट उतार दिया जाए। मई 2018 में अब्राहम टोपनो को बिजयगिरी डैम के ऊपर पुलिस मुखबिरी के आरोप में मार डाला साथ ही उसकी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में संगठन के अमित मुंडा, अनल दा, प्रभात मुंडा, प्रदीप स्‍वांसी, बिमल लोहरा, महाराज प्रमाणिक, गुलशन मुंडा, बोयदा पाहन शामिल थे।

इसके बाद मैं पोड़ाहाट जोन में सक्रिय रहा। इसी दौरान मां बिरसिनिया कंडुलना को कैंसर की बीमारी हो गई। मां की इलाज के लिए संगठन से मदद मांगा, मगर संगठन ने कोई सहयोग नहीं मिला। 2019 में मां की मौत हो गई।  इस घटना के कुछ दिनों बाद ही बड़े पिताजी मानसिद कंडुलना की भी तबीयत खराब हो गई, इनके इलाज के लिए भी संगठन से मदद मांगी। मगर कोई मदद नहीं मिली। जिसके बाद संगठन से मेरा मोहभंग होने लगा।

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10 फरवरी 2021 को सेरेंगदा से पार्टी छोड़कर भाग गया। कुछ दिनों तक गांव में ही इधर-उधर छिपकर रहा, फिर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने का मन बना ही रहा था, इसी दौरान रांची एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा और ग्रामीण एसपी नौशाद आलम ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने का संदेश भेजा। ग्रामीणों और परिजनों से विचार-विमर्श कर 27 फरवरी 2021 को तमाड़ थाना रांची में हथियार के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। अब मैं समाज के मुख्यधारा से जुड़ कर सामान्य जीवन जीना चाहता हूं। मैंने संगठन से जुड़े लोगों से भी मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की है।

झारखंड के युवाओं का संगठन में होता है केवल इस्‍तेमाल

आत्‍मसमर्पण करने के बाद माओवादी जीवन कंडुलना ने कहा कि संगठन में बाहरी लोगों का ही राज है। झारखंड के युवाओं से संगठन में सिर्फ झोला टंगवाया जाता है। यहां के लोगों को संगठन में इस्‍तेमाल किया जाता है। पोलित ब्‍यूरो से लेकर सैक कमेटी में बाहरी लोगों का ही वर्चस्‍व है।

जीवन कंडुलना की निशानदेही पर रांची पुलिस, चाईबासा पुलिस एवं सीआरपीएफ के जवानों ने कई विस्‍फोटक, हथियार, कारतूस एवं नक्‍सली साहित्‍य बरामद किया।

बरामद सामग्री

  1. .303 रायफल – 2
  2. .315 रायफल -2
  3. .303 का जिंदा कारतूस – 40
  4. .315 का जिंदा कारतूस 170
  5. ग्रेनेड – 2
  6. केन बम – ढाई किलो का – 3
  7. तीर बम – 2
  8. स्प्रिलन्‍टर – एक पैकेट
  9. तार – 50 मीटर
  10. बैट्री – 27 पीस
  11. मैग्‍जीन पाउच -02
  12. नक्‍सली साहित्‍य एवं परचे
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