Kohramlive : भारत-न्यूजीलैंड FTA पर मुहर लगते ही व्यापार की दुनिया में एक नया सूरज उगने की प्रबल संभावना बढ़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दोनों देशों के रिश्तों का “ऐतिहासिक पल” बताया। PM मोदी बोले, यह समझौता किसानों, युवाओं, महिलाओं और स्टार्टअप्स के लिये नये रास्ते खोलेगा। न्यूजीलैंड की टेक्नोलॉजी + भारत की मेहनत= ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई क्रांति आयेगी। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के मंत्री टॉड मैक्ले ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किये। अब न्यूजीलैंड में भारतीय सामान पर ड्यूटी = 0%। पहले 5% से 10% तक टैक्स देना पड़ता था, अब जीरो ड्यूटी के साथ भारतीय प्रोडक्ट्स सस्ते होंगे। डिमांड में तेज उछाल आयेगा। ग्लोबल मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ेगा।
FTA के बाद इन 9 सेक्टर में ‘चांदी ही चांदी’
FTA के बाद इन सेक्टरों को बड़ा बूस्ट मिला है। टेक्सटाइल्स और अपैरल, लेदर और फुटवियर, इंजीनियरिंग गुड्स, केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, मरीन प्रोडक्ट्स, कृषि उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक और रबर। इन सब पर अब 0% टैरिफ यानी सीधे फायदा। न्यूजीलैंड ने भारत में $20 बिलियन निवेश का वादा किया है। खेती, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी में पैसा लगेगा। नौकरियां बढ़ेंगी, वहीं, Make in India मजबूत होगा।
MSME और स्टार्टअप्स की लॉटरी
- छोटे व्यापारियों को अब ग्लोबल मंच मिलेगा।
- बिना टैक्स के एक्सपोर्ट का मौका मिलेगा।
- हस्तशिल्प, आयुष, योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
- भारत की सॉफ्ट पावर और मजबूत होगी।
क्यों खास है ये डील?
- निर्यात सस्ता और तेज होगा।
- विदेशी निवेश से बूस्ट मिलेगा।
- भारत ग्लोबल सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बनेगा।
- युवाओं के स्किल और टैलेंट को इंटरनेशनल एक्सपोजर मिलेगा।
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