Ranchi : राज्य सरकार का ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर है। इस लिहाज से मनरेगा से जुड़ी योजनाएं दमदार हैं। इन योजनाओं में पारदर्शिता बनाये रखने के लिए इसकी मजबूत निगरानी होनी चाहिए। यह कहना है युवा CM हेमंत सोरेन का। झारखंड राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना परिषद द्वारा आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए CM ने कहा कि हर तीन माह में बैठक होनी चाहिये, ताकि तमाम योजनाओं पर गौर किया जा सके। CM ने कहा कि लाभुकों की भी अकाउंटेबिलिटी तय होनी चाहिए। इससे योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने में मदद मिलेगी, वहीं लाभुकों को बिचौलियों से निजात मिलेगी। CM हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे गांववाले को सरकारी योजनाओं से जोड़ने में फोकस करें, ताकि उनकी आमदनी बढ़े, वहीं गांव का भी तेजी विकास होगा। CM ने कहा कि मनरेगा के तहत पंचायतों में चल रही योजनाओं का सोशल ऑडिट रेगुलर होना चाहिए। इससे गड़बड़ी और लापरवाही पर अंकुश लगेगा। वहीं, दोषी दंडित होंगे।

मनरेगा श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा के प्रावधानों का प्रचार प्रसार करें
CM ने कहा कि मनरेगा के तहत मजदूरी करने वालों के लिए भी सामाजिक सुरक्षा के तहत सहायता अनुदान का प्रावधान है । ऐसे में इसकी जानकारी ग्रामीणों को हो, इसलिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का बड़े स्तर पर प्रचार प्रसार सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य विशेषकर पहाड़ी इलाकों में अनेकों चुआं और छोटे-छोटे झरने हैं। इन सभी का जियो मैपिंग कराने की परियोजना बनाएं ताकि इसकी पानी की क्षमता को बढ़ाकर समुचित इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने संवर्धन योजना के तहत बनने वाले कुओं का भी जियो मैपिंग कराने को कहा। मनरेगा के साथ जिला कार्यक्रम समन्वय की जिम्मेदारी उपायुक्तों को देने के प्रस्ताव पर CM हेमंत सोरेन ने अपनी मंजूरी दे दी है।

खेल मैदानों के चारों तरफ हरियाली लायें
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि खेल विकास योजना के तहत जितने भी खेल मैदान विकसित किये जा रहे हैं, उनके चारों तरफ हरियाली लाने के लिये वृक्षारोपण कराएं। ज्यादा से ज्यादा योग्य लाभुकों को वन पट्टा मिल सके, इसके लिए मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश अधिकारियों को दिया । उन्होंने बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा फलदार पेड़ लगाने की मुहिम को तेज करने को भी कहा। इसके तहत गांव में खाली जमीनों पर फलदार पेड़ लगाएं, ताकि लाभुकों के आय में इजाफा के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिले।

मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधियों से की बात
युवा CM हेमंत सोरेन ने विभिन्न जिलों से आये मुखिया, जिला परिषद सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधियों से बात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को मनरेगा से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन -संचालन में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। CM ने इस दिशा में अधिकारियों को यथोचित कदम उठाने का निर्देश दिया।

मनरेगा से जुड़े अहम तथ्य
● चालू वित्तीय वर्ष (2023 -24) में 900 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य है। जून माह के अंत तक 360.32 मानव दिवस सृजित हो चुका है।
● वित्तीय वर्ष 2023- 24 में जून माह तक सक्रिय जॉब कार्डो की संख्या 34.28 लाख और सक्रिय मजदूरों की संख्या 42.93 लाख है।
● मनरेगा में ससमय मजदुरी भुगतान की उपलब्धि लगभग शत प्रतिशत है।
● वित्तीय वर्ष 2023- 24 में अब तक सृजित परिसंपत्तियों (पूर्ण योजनाएं) 275565 है।
● नीलाम्बर- पीताम्बर जल समृद्धि योजना के तहत 403817 योजनाएं ली गयी हैँ, जिनमे 333123 पूर्ण कर ली गई हैं।
● बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत 105419 एकड़ में फलदार वृक्ष लगाएं जा रहे हैं।
● वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना के तहत ली गयी 4776 योजनाओं में 3537 पूर्ण हो चुकी है।
● दीदी बाड़ी योजना के तहत ली गयी 298690 योजनाओं में 162372 पूर्ण हो चुकी है।
● दीदी बगिया योजना के तहत 394 योजनाओं का क्रियान्वयन हो रहा है।
● बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना के तहत 23958 कूपों का निर्माण कार्य जारी है।
● वर्तमान में 16 जिलों में लोकपाल कार्य कर रहे हैं और 5 जिलों में लोकपाल की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
● मनरेगा की सोशल ऑडिट में वित्तीय अनियमितता, वित्तीय विचलन, प्रक्रिया उल्लंघन और शिकायत के 1234956 मामले सामने आएं हैं, जिसमे 87092 मामलों में एटीआर अपलोड हो चुका है और 63819 मामले निष्पादित हो चुके हैं।
● मनरेगा श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का भी प्रावधान है। इसके अंतर्गत दुर्घटना में मौत अथवा विकलांग होने पर दो लाख रुपए और सामान्य मौत पर एक लाख तथा मनरेगा के अंतर्गत निर्मित डोभा में डूबकर मौत पर एक लाख रुपये उसके आश्रित को अनुदान के रूप में दिया जाता है।
● एरिया ऑफिसर एप्प के माध्यम से मनरेगा की योजनाएं के निरीक्षण में झारखंड देश में पहले स्थान पर है।
इस बैठक में झारखंड राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के उपाध्यक्ष एवं ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, कृषि मंत्री बादल, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह , मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव एल ख़ियांगते, प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, सचिव अबु बकर सिद्दीक, सचिव डॉ मनीष रंजन, सचिव प्रशांत कुमार, सचिव चंद्रशेखर, मनरेगा आयुक्त श्रीमती राजेश्वरी बी एवं सभी पांच प्रमंडलों के आयुक्त एवं चतरा, लातेहार, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और पाकुड़ के उप विकास आयुक्त और बिरसा कृषि विश्वविद्यालय रांची के प्रतिनिधि मौजूद थे। वहीं विशेषज्ञ के रूप में प्रो रमेश शरण एवं जॉनसन टोपनो मौजूद थे।
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