Ranchi : JSSC की वर्ष 2022 में आयोजित कनीय अभियंता (डिप्लोमा) परीक्षा पेपर लीक मामले में SIT को बड़ी सफलता मिली है। परीक्षा संचालन एजेंसी Bynsis Technology Pvt. Ltd. के वांछित संचालक सह निदेशक अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। JSSC ने 3 जुलाई 2022 को कनीय अभियंता (डिप्लोमा) के 1,279 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी। पहली पाली शुरू होने से पहले ही उत्तरमाला वायरल हो गई थी। पेपर लीक सामने आने के बाद आयोग ने परीक्षा रद्द कर दी थी। मामले में नामकुम थाना में 14 जुलाई 2022 को प्राथमिकी दर्ज की गई। केस में IPC की धारा 420, 467, 468, 120(B), IT Act की धारा 66 और बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम की धारा 10 के तहत कार्रवाई शुरू हुई।
SIT ने खोला पेपर लीक का नेटवर्क
मामले की गंभीरता को देखते हुये जांच के लिए SIT गठित की गई। जांच में पेपर लीक की पुष्टि हुई। सामने आया कि परीक्षा का संचालन नई दिल्ली की Bynsis Technology Pvt. Ltd. कर रही थी। जांच में यह भी पता चला कि पेपर लीक सिंडिकेट के जरिये पटना में अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर रटवाये गये थे। पुलिस के अनुसार, परीक्षा संचालन एजेंसी और उसके संचालक की संलिप्तता के भी साक्ष्य मिले हैं। इस मामले में SIT पहले ही पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। इनमें परीक्षार्थी सह सहायक अभियंता रंजीत मंडल, सिंडिकेट सदस्य दीपक कुमार, अभिषेक कुमार, दीपक श्रीवास्तव और परीक्षा संचालन एजेंसी के सीनियर मैनेजर कृष्ण कुमार शामिल हैं। SIT ने कार्रवाई करते हुये अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया। अरुण मूल रुप से बिहार के नालंदा का रहनेवाला है। पुलिस के मुताबिक वह मामले में वांछित था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में शामिल अन्य चिन्हित और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
पेपर लीक के पूरे नेटवर्क पर शिकंजा
JSSC JE पेपर लीक का यह मामला वर्ष 2022 से जांच के घेरे में है। अब परीक्षा संचालन एजेंसी के निदेशक की गिरफ्तारी से पेपर लीक के पूरे नेटवर्क और उसकी भूमिका को लेकर जांच और तेज होने की उम्मीद है।















