Deoghar : सावन की दूसरी सोमवारी… और देवघर का बाबा धाम एक बार फिर आस्था के सैलाब में डूब गया। रात की चुप्पी में जब पूरा शहर सो रहा था, तब कांवरियों की आंखों में जाग रही थी श्रद्धा बोल बम के नारों संग। सुबह 4 बजे जैसे ही बाबा बैद्यनाथ का पट खुला, वैसे ही भक्तों की भीड़ लहर बनकर मंदिर में उमड़ पड़ी। कोई बंगाल से आया था, कोई झारखंड की धरती से, तो कोई बिहार की गलियों से। सभी के कंधों पर था जल और दिलों में एक ही पुकार “बाबा, हमारी सुन लो।”
रविवार की रात से ही लाइन में खड़े थे हजारों कांवरिए। मंदिर परिसर से लेकर श्रीराम झा चौक, बीएड कॉलेज से बरमसिया तक भक्तों की लंबी कतारें किसी गंगा की धारा सी बह रही थीं। सुरक्षा ऐसी कि हर चौराहे पर तैनात था पुलिस बल हर निगाह श्रद्धालुओं की सेवा में झुकी हुई।

मंदिर के पंडा बताते हैं, “दूसरी सोमवारी का महत्व अलग होता है, बंगाल पंचांग के मुताबिक आज के दिन व्रत-पूजन करने से धन, सुख और समृद्धि का वरदान मिलता है।” इस पावन भीड़ को देखकर खुद राज्य के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार भी देवघर पहुंचे। उन्होंने टेंट सिटी से लेकर हर सुविधा का जायजा लिया और कांवरियों की भावनाओं को सम्मान दिया। सावन की यह सोमवारी सिर्फ एक दिन नहीं, एक आस्था है… एक भावना है… और बाबा धाम की गोद में उतर आया एक विराट विश्वास।
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