Bokaro (Parmeshwar Mandal) : दिन हो या रात, रोज जुटान होता है नशेड़ी, गंजेड़ी और जुआड़ियों का। हार हो या जीत, देर रात तक लड़कियों का भी लगा रहता है आना-जाना। गुंडागर्दी का आलम ऐसा कि रोकने-टोकने वाले को धुनकर रख देते हैं। चाहे वह सभ्रांत महिला ही क्यों ना हो। हर कोई डरा सहमा हुआ है। वजह यह है कि प्रतिरोध करने वाले को देख लेने की धमकी खुलेआम दी जाती है। कईयों का तो जीना हराम कर रखा है।
पुलिस को सारी बात बताई जाती है पर बात आई-गई हो जाती है। सिरफिरों का दुस्साहस तो ऐसा है कि जब कभी पुलिस आती है तो पुलिस गाड़ी पर भी पत्थर बरसाये जाते हैं। डर से कोई कुछ नहीं बोलता। चंद गिने-चुनें सिरफिरों ने लोगों का सुकून छीन लिया है। यह काम होता है बोकारो के हरला के एक घर में। इस घर का मालिक कौन, कोई नहीं जानता। मुहल्ले में रहने वाले एक युवक पंकज सोनार ने इस गुंडागर्दी पर जब अपना मुंह खोला तो उसकी जमकर पिटाई कर दी गई। पंकज ने हिम्मत नहीं हारी और पहुंच गया थाना। वहां से लौटने पर उसकी फिर पिटाई की गयी। उसे हड़काया गया कि दो-तीन माह के लिए जायेंगे जेल, पर जब छूट कर आयेंगे तो तेरा मुड़ी भुला देंगे। अब हरला के लोगों को इंतजार है किसी कानून के सच्चे पहरेदार का।
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