MP : MP के खिरकिया विकासखंड के छोटे से देवपुरगांव में रहनेवाले देवर-भाभी आज सुबह घर से पेंशन और तेंदूपत्ता मजदूरी की रकम निकालने निकले थे, कियोस्क सेंटर पर खाते की जांच हुई तो स्क्रीन पर करीब 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895 रुपये की एंट्री दिखाई दी। रकम देखते ही देवर-भाभी तो दंग रह गये और देखते ही देखते यह खबर पूरे देवपुर से लेकर आसपास के गांवों में वायरल हो गया।
हमारे पास तो खेती तक नहीं, बैंक बोला, हर पहलू की जांच होगी
जानकारी के मुताबिक, गांव के आदिवासी बुजुर्ग गुलाब सिंह ठाकुर और उनकी भाभी अपने खातों से वृद्धावस्था पेंशन और तेंदूपत्ता मजदूरी की राशि निकालने पहुंचे थे। लेकिन खाते का बैलेंस देखकर उनके चेहरे पर हैरानी छा गई। कियोस्क संचालक भी कुछ पल के लिये समझ नहीं पाया कि आखिर यह हुआ कैसे। परिवार का कहना है कि उन्हें इस रकम या किसी ऐसे ट्रांजैक्शन की कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि उनके पास अपनी खेती तक नहीं है। डूब क्षेत्र से विस्थापित होने के बाद वे मजदूरी और सरकारी योजनाओं से मिलने वाली मदद के सहारे जीवन गुजार रहे हैं। ऐसे में खाते में अरबों रुपये दिखना उनके लिये किसी पहेली से कम नहीं है। उधर, बैंक अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुये जांच शुरू करने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, पासबुक और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री की जांच की जायेगी। फिलहाल यह साफ नहीं है कि मामला तकनीकी गड़बड़ी का है, किसी वित्तीय त्रुटि का या फिर इसके पीछे कोई और वजह है। फिलहाल देवपुर में हर जुबान पर बस एक ही सवाल है, आखिर मजदूर परिवार के खाते में अरबों रुपये आये कहां से? अब इस सवाल का जवाब बैंक की जांच के बाद ही सामने आयेगा।
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