Ranchi: गरीब की थाली तक पहुंचने वाले सरकारी राशन को गटक जाने वाले कार वाले और बिल्डिंगों में रहने वालों हजारों लोगों को रांची जिला प्रशासन ने नोटिस भेजा है। रांची के सभी प्रखंडों में जांच के बाद ऐसे परिवारों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जो नियमों के मुताबिक राशन के पात्र नहीं हैं, लेकिन अब भी अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के राशन कार्ड पर जनवितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों से गेहूं और चावल ले रहे हैं। जिला आपूर्ति शाखा की जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आये हैं। 3,352 परिवार ऐसे मिले, जिनके किसी सदस्य के नाम चारपहिया वाहन दर्ज है। वहीं, 6,556 परिवारों की सालाना आय 6 लाख रुपये से अधिक पाई गई। इसके बावजूद ये परिवार सरकारी राशन का लाभ लेते रहे। जिला प्रशासन का संदेश भी साफ है, जो अपात्र हैं, वे खुद आगे आकर कार्ड सरेंडर करें, वरना वसूली के साथ कानूनी कार्रवाई के लिये भी तैयार रहें।
नियमों का उल्लंघन, अब भरनी होगी कीमत
प्रशासन का कहना है कि यह झारखंड लक्षित जन वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश-2024 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी वजह से अब इन अपात्र लाभुकों से अब तक लिये गये राशन की राशि की वसूली की जायेगी। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर FIR दर्ज करने की भी तैयारी है। जिला प्रशासन ने नोटिस में साफ कहा है कि संबंधित लोग 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखें। उन्हें तीन विकल्प दिये गये हैं, जैसे अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। स्वेच्छा से राशन कार्ड सरेंडर करें। निर्धारित जुर्माना ऑनलाइन जमा करें। यदि तय समय सीमा के भीतर कोई जवाब नहीं दिया गया, तो प्रशासन उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करेगा। जिला प्रशासन ने जिले के सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSO) को भी नोटिस भेजकर कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया है। लक्ष्य साफ है कि सरकारी राशन का लाभ केवल उन्हीं परिवारों तक पहुंचे, जो वास्तव में इसके हकदार हैं।
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