कोहराम लाइव डेस्क : बिहार के गोपालगंज में वर्ष 2016 में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गई थी। छह लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी खो दी थी। इस कांड की लंबे समय तक सुनवाई के बाद एडीजे-2 लवकुश कुमार की अदालत ने शुक्रवार को 13 में से नौ दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। चार महिलाओं को आजीवन कारावास की सजा मिली है। घटना गोपालगंज नगर थाना क्षेत्र के खजुरबानी में घटी थी।
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26 फरवरी को ठहराया गया था दोषी
दोषियों के वकीलों का कहना है कि वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। पांच साल तक चले मुकदमे के बाद इस मामले में 26 फरवरी को 14 में से 13 लोगों को दोषी ठहरा दिया गया था। आज उन्हें सजा सुनाई गई।
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मृतकों के परिवार को मिला था 4 लाख का मुआवजा
अगस्त 2016 में हुई इस घटना के बाद कई परिवार बर्बाद हो गए थे। सरकार ने तब मारे गए लोगों के परिवारीजनों को चार लाख रुपए का मुआवजा दिया था। कुछ परिवारों ने यह राशि बैंक में फिक्स कर दी, जिससे मिलने वाले मामूली ब्याज से उनका घर चलता है।
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बर्खास्त हो गया था पूरा थाना
खजुरबानी कांड के बाद नगर थाना के सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। बाद में बिहार सरकार ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया। हालांकि पुलिसकर्मियों के बर्खास्तगी आदेश को चार फरवरी 2021 को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है।








