Kohramlive : राजस्थान की बेटी निधि शर्मा ने साहस, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ महिलाओं के सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश की है। वर्तमान में चंडीगढ़ में रहने वाली निधि ने मिशन पैडल इंडिया अभियान की शुरुआत की है और महिलाओं की आजादी, फिटनेस और आत्मनिर्भरता के लिये फॉर वूमेन फ्रीडम श्रृंखला की शुरुआत भी की है। निधि बताती हैं कि उनका यह अभियान उनके व्यक्तिगत अनुभवों से प्रेरित है। राजस्थान में महिलाओं की स्थिति परंपराओं और सामाजिक बाधाओं के कारण सीमित है। उन्होंने अपने परिवार में महिलाओं की सीमित स्वतंत्रता देखी, जिससे उन्हें प्रेरणा मिली कि अगर वह कर सकती हैं, तो अन्य महिलायें भी अपने जीवन में बदलाव ला सकती हैं।
3000 किलोमीटर का साहसिक साइकिल सफर
निधि ने चंडीगढ़ से अपनी साइकिल यात्रा शुरू की, अयोध्या होते हुये नेपाल की सीमाओं तक और फिर बिहार और झारखंड राज्य होते हुये रांची तक का मार्ग तय किया। अब तक यह यात्रा 3000 किलोमीटर से अधिक हो चुकी है। इस दौरान निधि गांव-गांव और शहरों में रुकती हैं, टेंट लगाकर आशियाना बनाती हैं और कई बार स्थानीय लोग उन्हें मुफ्त भोजन भी कराते हैं। निधि अपनी स्कॉलरशिप की बचत का पैसा इस अभियान पर खर्च कर रही हैं। निधि राष्ट्रीय स्तर की एथलीट हैं और जूडो, जुजुत्सु में मेडल जीत चुकी हैं। वे अमेरिकन फुटबॉल में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी टीम का हिस्सा रही हैं। वर्तमान में वे जिम ट्रेनर और योग शिक्षक भी हैं। उनकी खेल और फिटनेस की पृष्ठभूमि उन्हें इस लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा के लिये तैयार करती है। यात्रा के दौरान सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षा और परिवार की चिंता थी, निधि मीडिया से कहती है कि शुरू में उनके परिवार को यह यात्रा पता नहीं थी। शहर छोड़ने के बाद उन्होंने परिवार को बताया और धीरे-धीरे परिवार ने भरोसा करके सपोर्ट करना शुरू किया। यात्रा के दौरान उन्हें कई बार गलत मार्ग दिखाने वाले लोग मिले, लेकिन कई लोगों ने मार्गदर्शन और मदद भी की। निधि मानती हैं कि दुनिया में अच्छे और बुरे लोग दोनों होते हैं, और यदि आप अच्छे हैं तो अच्छे लोग आपकी मदद करेंगे।
अभियान का उद्देश्य और संदेश
निधि का अभियान केवल साइकिल यात्रा तक सीमित नहीं है। यह महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और फिटनेस जागरूकता का प्रतीक बन चुका है। उनकी वीडियो श्रृंखला फॉर वूमेन फ्रीडम महिलाओं को आत्मविश्वास बढ़ाने, अधिकारों के प्रति जागरूक करने और फिटनेस अपनाने के लिये प्रेरित करती है। उनका संदेश साफ है: यदि महिला खुद सक्षम और साहसी बनती है तो समाज में बदलाव लाना संभव है। 3000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा, गांवों और शहरों में रुकना, स्थानीय लोगों से संवाद करना और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना निधि की कहानी को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक चुनौती दोनों बनाती है। निधि का कहना है कि उनका मिशन अभी खत्म नहीं हुआ है। वे देशभर की महिलाओं तक यह संदेश पहुंचाना चाहती हैं कि यदि मैं कर सकती हूं, तो आप भी कर सकती हैं। उनके प्रयास समाज में महिला सशक्तिकरण की भावना को मजबूत करेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिये प्रेरक मिसाल बनेंगे।
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