कोहराम लाइव डेस्क : म्यांमार में सैन्य सत्ता के खिलाफ लोगों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी देश की नेता आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार को सत्ता सौंपने की मांग कर रहे हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ सेना का दमन चक्र तेज हो गया है। इसमें पुलिस भी शामिल है। अनेक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। म्यांमार के यांगून में सुरक्षाबलों की अंधाधुंध फायरिंग में 18 लोग मारे गए हैं। 30 लोग घायल भी हुए हैं।
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने की निंदा
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि यांगून, दावेई, मांडले, म्यीक, बागो और पोकोक्कु में भीड़ पर गोलीबारी में 18 लोगों की मौत हुई है। कार्यालय प्रवक्ता रविना शामदसानी के हवाले से कहा गया है, ‘हम म्यांमार में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं और सेना से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ बल का इस्तेमाल तुरंत बंद किए जाने का आह्वान करते हैं’।
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सेना की होगी पूरी जवाबदेही
न्यूयॉर्क स्थित ह्यूमन राइट्स वॉच के डिप्टी एशिया निदेशक फिल रॉबर्टसन ने कहा कि दुनिया म्यांमार की सैन्य टुकड़ी की कार्रवाई देख रही है। इस कार्रवाई को लेकर उनकी पूरी जवाबदेही होगी।












