Delhi : दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने 60 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला से दुष्कर्म और हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अपराध की क्रूरता को देखते हुये 16 वर्षीय आरोपी को बालिग मानते हुये दोषी ठहराया है। अब 7 नवंबर को सजा पर सुनवाई होगी। दिल को झकझोर देने वाली यह वारदात 2017 की है। फुटपाथ पर जिंदगी गुजार रही उस असहाय महिला के साथ आरोपी ने पहले दुष्कर्म किया, फिर लोहे की रॉड से बर्बर हमला कर उसकी जान ले ली। मेडिकल रिपोर्ट में सामने आया कि महिला के शरीर पर अंदर और बाहर दोनों जगह गंभीर चोटें थीं। वारदात के वक्त आरोपी की उम्र 16 साल 11 महीने 22 दिन थी। पहले मामला किशोर न्याय बोर्ड में चला, लेकिन अपराध की क्रूरता, सोच-समझ और नीयत को देखते हुये अदालत ने कहा, “यह बाल अपराध नहीं, बल्कि हैवानियत की हद है। ”कोर्ट ने इस अपराध को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में रखा और कहा कि आरोपी की नीयत साफ थी, उसने किसी असहाय महिला को अपनी क्रूरता का निशाना बनाया।
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