Ranchi : झारखंड में जमीन घोटाले के एक चर्चित मामले में 15 साल बाद आखिरकार CBI की विशेष अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। आदिवासी भूमि की सुरक्षा के लिए बने CNT एक्ट का उल्लंघन कर जमीन की हेराफेरी करने के मामले में राज्य के पूर्व मंत्री एनोस एक्का समेत 10 लोगों को दोषी ठहराया गया है। वहीं, एक आरोपी गोवर्धन बैठा को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। पूर्व मंत्री एनोस एक्का पर मंत्री रहते हुये पद का दुरुपयोग कर फर्जी पते के आधार पर जमीन की अवैध खरीद-बिक्री कराने का आरोप था। यह सारा खेल 2006 से 2008 के बीच हुआ, जिसमें उनकी पत्नी मेनन एक्का के नाम पर रांची के हिनू, ओरमांझी, नेवरी और चुटिया इलाके में कई एकड़ आदिवासी जमीन खरीदी गई थी। अदालत ने पूर्व मंत्री के साथ उनकी पत्नी मेनन एक्का, तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात, राज किशोर सिंह, फिरोज अख्तर, ब्रजेश मिश्रा, अनिल कुमार, मणिलाल महतो, परशुराम केरकेट्टा और ब्रजेश्वर महतो को भी दोषी माना है। अब इस मामले में सजा का ऐलान 30 अगस्त 2025 को CBI की विशेष अदालत में किया जायेगा।
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