Khunti : जंगली हाथियों को भगाने गयी टीम में शामिल वनरक्षी जसबीन सालगर आईंद को अचानक एक हाथी ने सूंड से उठाकर नीचे पटक दिया, वहीं पैर से कुचलने का प्रयास किया। जंगली हाथी के चिघाड़ने की आवाज पर आसपास से जुट आये ग्रामीणों का शोर सुनकर हाथी जंगल की तरफ चला गया। काल के गाल में समा गया वनरक्षी खूंटी के कर्रा विभाग में तैनात थे। दिल झकझोर देने वाला यह वाक्या खूंटी के कर्रा प्रखंड के कोनहप्पा तिरला जंगल में हुआ। टीम में फोरेस्टर शशिभूषण सहाय, वनरक्षी रेश्मा गुड़िया, संदीप कुमार और जसबीन सालगर आईंद शामिल थे। जसबीन की जान चली गई। गांव के कुछ बच्चे जंगली हाथी को देख खूब शोर मचाने लगे। वनरक्षी जसबीन उन्हें ऐसा करने से मना कर रहे थे। वह बच्चों को वहां से भगा रहे थे, तभी एक जंगली हाथी ने अचानक जसबीन को अपने सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया। यह दृश्य देख जब ग्रामीण जोर-जोर से शोर मचाने लगे तो हाथी जंगल की तरफ हो लिया।
इससे पहले जंगली हाथी ने चिदी गांव के पास घास काट रहे मानुएल हेमरोम को लात से मारकर जख्मी कर दिया। वहीं जंगली हाथियों के झुंड ने गुमडू गांव में रहनेवाले रमाशरण सिंह के घर का शटर तोड़, घर में रखे लगभग पांच क्विटंल धान को चट कर लिया। भुक्तभोगी रामशरण ने बताया कि हाथियों द्वारा शटर तोड़े जाने के बाद घर के सारे लोगों की डर से हालत खराब हो गई थी। वहीं हाथियों ने गांव के कई खेतों में लगे धान के बिचड़े को भी खा लिया। उन्हें रौंदकर पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। जंगली हाथियों के आतंक से पूरा गांव डरा सहमा हुआ है। गांव के कुछ लोगों ने बताया कि शनिवार की दोपहर जंगली हाथियों को भगाने कर्रा वन विभाग की एक टीम आई थी। टीम कोनहप्पा तिरला जंगल से हाथियों को भगा रही थी, तभी वनरक्षी जसबीन के साथ बड़ा हादसा हो गया। गंभीर रूप से जख्मी जसबीन को पहले पास के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां से उन्हें रिम्स रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
इसे भी पढ़ें : झारखंड में तबाही का इरादा, पहली दफा मिला 44 mm High Explosive ग्रेनेड
इसे भी पढ़ें : ‘मेरी नहीं तो किसी की नहीं’ …और SSP का ड्राइवर बन गया खूनी… देखें वीडियो






