spot_img

‘मेरी नहीं तो किसी की नहीं’ …और SSP का ड्राइवर बन गया खूनी… देखें वीडियो

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

Jamshedpur (Vinod Keshri) : दोस्ती, दर्द, चाहत और मोहब्बत सब उसके वास्ते दिल्लगी थी। उसपर भरोसा ना कर सका रामचन्द्र सिंह जामुदा। उसे यह शक हो गया कि जिसे वह बेपनाह मोहब्बत करता है वह हरजाई है। वह उसे छोड़ किसी और की हो गई है। इसके बाद रामचन्द्र सिंह ने खतरनाक मन बना लिया। उसके दिमाग में एक ही बात रेंगने लगी कि मेरी नहीं तो किसी की नहीं। पूरी प्लानिंग कर जमशेदपुर SSP दफ्तर का ड्राइवर रामचन्द्र सिंह बीते 19 जुलाई की देर रात गोलमुरी पुलिस लाइन में पहुंच गया। यहीं एक क्वाटर में रह रही सविता रानी हेमब्रम के दरवाजे को नॉक किया। सविता जानती थी कि नॉक करने वाला कोई और नहीं उसे चाहने वाला उसका आशिक रामचन्द्र सिंह ही होगा। उसने बेहिचक दरवाजा खोल दिया।

गुस्से में तमतमाया हुआ था सिपाही ड्राइवर 

सिपाही ड्राइवर गुस्से में तमतमाया हुआ था। पहले से ही दोनों में मनमुटाव चल रहा था। उसने पहले सविता को खूब खरी-खोटी सुनाई। उसके एतराज जताने पर रामचन्द्र का पारा गर्म हो गया। उसका खून खौल उठा। वह उसे यह कहते हुये गरियाने लगा कि उसने उसे किसी दूसरे लड़के के साथ देखा है। बात इतनी बिगड़ गई कि रामचन्द्र खूनी बन गया। पहले सविता का गला घोंट उसे मार डाला। चीख-पुकार सुन तब घर में सो रही सविता की मां लखिया मुर्मू और बेटी गीता जाग गई। साक्ष्य-सबूत मिटाने के इरादे से उसने इन्हे भी नहीं छोड़ा। मां और बेटी को भी निपटा डाला। तीनों को लोहे के रड से भी बेतरह मारा गया था। एक साथ तीन लोगों की बेरहमी से हत्या करने के बाद खूनी सिपाही रामचन्द्र सिंह कुछ देर तक वहीं बैठा रहा। जब उसे यह यकीन हो गया कि तीनों की सांसों की डोर टूट चुकी है, तब वह चुपके से बाहर निकल आया। फिर बाहर से ताला लगा दिया।

सविता के घर अक्सर रात में आता-जाता था सिपाही ड्राइवर

उसका अक्सर रात में सविता के घर में आना-जाना लगा रहता था, इस कारण उसके मन में कोई डर नहीं था। SSP का ड्राइवर होने की वजह से उसका रुतबा ही अलग था। उसे लगा कि उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा। वह बड़े आराम से सबसे सेफ जोन माने जाने वाले गोलमुरी पुलिस लाइन से निकल भागा। इतना भयानक कांड हो गया पर अगल-बगल के क्वाटर में रहने वाले पुलिस के किसी परिवार को भनक तक नहीं लगी।

अनुकंपा के आधार पर मिली थी सविता को नौकरी 

वर्ष 2014 में नक्सली हमले में पति के शहीद हो जाने के बाद अनुकंपा के आधार पर सविता को नौकरी मिली थी। उसने वर्ष 2015 में जमशेदपुर SSP के दफ्तर में नौकरी जॉइन की थी। यहीं उसकी मुलाकात ड्राइवर रामचन्द्र सिंह जामुदा से हुई। मुलाकात के बाद दोस्ती हुई और दोस्ती मोहब्बत में बदल गई। वर्ष 2016 से ही सबकुछ चल रहा था। दोनों का छुप-छुपकर मिलना जुलना लगा रहता था। सविता की मां-बेटी को भी सबकुछ पता था। शक तो कइयों को था पर सब के सब अनजान बने हुये थे। अचानक रामचन्द्र शक के मकड़जाल में जकड़ गया। उसे शक हो गया कि उसकी सविता अब किसी और की हो गई। यही वजह रही कि उसने उस रात एक साथ ही पूरे परिवार का खात्मा कर दिया। सुनें क्या बोले जमशेदपुर के SSP प्रभात कुमार…

इसे भी पढ़ें : क्रिकेटर्स अब नहीं कर सकेंगे उम्र घोटाला, BCCI कर रहा जांच का पुख्‍ता इंतजाम

इसे भी पढ़ें : डायन करार देकर जेठानी का किया यह हाल… देखें

spot_img

Related articles:

सर्च ऑपरेशन में बड़ी बरामदगी… जानें क्या-क्या

Chaibasa : पश्चिम सिंहभूम के सारंडा और टोंटो-गोइलकेरा क्षेत्र...

Ranchi : ऑड्रे हाउस में तीन दिवसीय स्वदेशी मेले का आगाज…

Ranchi के ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस में तीन दिवसीय “सांसद सांस्कृतिक महोत्सव-सह-स्वदेशी मेला 2026” की भव्य शुरुआत हुई।

JSCA लायेगा अपनी T20 लीग, एंट्री होगी फ्री…

झारखंड में क्रिकेट को नई उड़ान देने की तैयारी अब तेज हो गई है। JSCA ने SJ Uplift के साथ 7 साल का करार कर राज्य में फ्रेंचाइजी बेस्ड

UP : 11वीं मंजिल से कू’दे कारोबारी…

लखनऊ के कुर्सी रोड स्थित जनेश्वर एन्क्लेव में गुरुवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। रियल एस्टेट कारोबारी UP

Ranchi : रांची में हथियार के साथ धराये दो उग्रवादी…

Ranchi के ओरमांझी इलाके में कारोबारियों से रंगदारी मांगने वाले TPC के दो उग्रवादी पुलिस के हत्थे चढ़ गये। 10 लाख