Ranchi : ATS और SIT के एक्टिव मोड में आते ही गजब का रिजल्ट सामने आया है। झारखंड पुलिस ने पहली दफा शक्तिशाली 40 एमएम एचई (High Explosive) ग्रेनेड बरामद कर बेहतर कामयाबी हासिल की है। उग्रवादी संगठनों का इरादा ठीक नहीं था। 15 अगस्त से ठीक पहले किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की प्लानिंग को नाकाम किया गया है। शक्तिशाली ग्रेनेड मिलने के बाद से झारखंड पुलिस सकते में है। तबाही मचाने के लिये यह ग्रेनेड काफी था।
झामुमो नेता दिलशेर के मर्डर में मोस्ट वांटेड आदेश गंझू पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बीते 4 जुलाई को दिलशेर हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार और TSPC के हार्ड कोर उग्रवादी प्रताप गंझू पकड़े गये थे। आईजी अभियान अमोल वेणुकांत होमकर के अनुसार गिरफ्तार प्रताप गंझू की निशानदेही पर बड़ी तादाद में आग्नेयास्त्र मिले थे। प्रताप ने कई राज उगले थे। वहीं पुलिस को हत्या में शामिल उग्रवादियों के बारे में कई क्लू भी दिये थे। इसके बाद लातेहार के पुलिस कप्तान अंजनी अंजन की देखरेख में एक SIT बनाई गई। इसमें तेज तर्रार अफसरों को रखा गया। वहीं संगठन के उग्रवादियों की कमर की रीड की हड्डी को तोड़ देने के इरादे से ताबड़तोड़ छापामारी शुरू की गई।
पुलिस कप्तान को उनके खबरीलाल से कानों कान खबर मिली कि TSPC संगठन के उग्रवादियों का दामोदर नदी के किनारे जुटान हुआ है। इनका इरादा कोयला साइडिंग में दहशत फैलाने का है। खुराफाती उग्रवादियों ने खतरनाक इरादा बनाया है। साइडिंग पर हमला करने के साथ-साथ आगजनी करना भी है। इस खबर पर दामोदर नदी तट के आसपास घेराबंदी की गई, पर पुलिस के आने की भनक उग्रवादियों को मिल गई। सभी घने जंगल की तरफ भाग निकले। इस दरम्यान ही दौड़ा कर मोस्ट वांटेड उग्रवादी आदेश गंझू को गिरफ्तार कर लिया गया।
लातेहार पुलिस के लिये हेडेक बना आदेश की फितरत केवल आतंक की गाथा लिख अवैध उगाही करना है। उसका आतंक राजधानी के खलारी के कोयला कारोबारियों में भी है। गिरफ्तार आदेश गंझू ने पुलिस को कई अहम जानकारी दी। मिली सटीक सूचना पर लातेहार के केरी जंगल में छापामारी की गई। वहां छुपा कर रखे गये 40 एमएम एचई (High Explosive) जैसे अत्याधुनिक ग्रेनेड, इंसास और AK 47 जैसे हथियार के अलग-अलग पार्ट पुर्जे, 8 वॉकी-टॉकी और 7322 जिंदा गोलियां बरामद की गई। यह बेहतरीन कामयाबी हासिल करने में एसडीपीओ अजीत कुमार, बालूमाथ के थानेदार प्रशांत प्रसाद, हेरहंज के थानेदार मुकेश चौधरी, दारोगा नितीश कुमार एवं कुबेर के साथ साथ जिला बल के जवानों की सराहनीय भूमिका रही।
मोस्ट वांटेड आदेश गंझू के खिलाफ दर्ज कांड
1. पिपरवार थाना कांड संख्या 25/15 – राजेंद्र राम सा बिजन थाना पिपरवार जिला चतरा को जनवरी 2015 में घर से अपहरण कर गोली मारकर हत्या करना।
2. पिपरवार थाना कांड संख्या 34/2017 – बिनोद गंझू पिता अमृत उरांव सा सरैया थाना पिपरवार जिला चतरा को वर्ष 2017 में गोली मारकर हत्या करना।
3. पिपरवार थाना कांड संख्या 01/18 – उर्मिला देवी पति बिनोद सा बिजैन थाना पिपरवार जिला चतरा के घर में घुसकर तोड़फोड़ एवं मारपीट करना।
4. पिपरवार थाना कांड संख्या 09/18 – उर्मिला देवी पति बिनोद सा बिजैन थाना पिपरवार जिला चतरा के घर में घुसकर उसकी बेटी एवं बेटा को जान मारने की नियत से अपहरण करने की कोशिश करना।
5. पिपरवार थाना कांड संख्या 40/2019 – साबिर अंसारी को पूर्णाडीह कोलवारी में गोली मारकर हत्या करना।
6. पिपरवार थाना कांड संख्या 28/2020 – नीरज गंजू उर्फ नीरज भोक्ता के कहने पर मदन प्रसाद साहू को गोली मारकर हत्या करना।
7. बालूमाथ थाना कांड संख्या 170/20 – मुजम्मिल हुसैन को जान मारने की नियत से गोलीबारी करना।
8. पिपरवार थाना कांड संख्या 38/2020 – पिपरवार सीसीएल का पीओ त्यागी को जान मारने की नियत से मारपीट करना।
9. पिपरवार थाना कांड संख्या 47/20 – टीएसपीसी का बैनर/पोस्टर लगवाने में शामिल होना ।
10. बालूमाथ थाना कांड संख्या – 150/22 – 7.65 पिस्टल के साथ 05 जिंदा गोली, 40 mm ग्रेनेड, 7322 जिंदा गोली, 08 वाकी टाकी, प्रतिबंधित हथियार AK 47, Insas, SLR का पार्ट्स के साथ सीरम जंगल में पकड़ाना।
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