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शहर और गांव के नाम के आगे पूर क्यों लगाया जाता है? जानकर रह जाएंगे हैरान 

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Kohramlive : भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है, जहां लगभग 453 भाषाएं बोली जाती हैं। यहां के हर राज्य, शहर और गांव के नाम में उसकी संस्कृति, इतिहास और पहचान झलकती है। आपने अक्सर देखा होगा कि उत्तर, मध्य, पूर्वी और पश्चिमी भारत के कई शहरों और गांवों के नाम के साथ “पूर” जुड़ा होता है—जैसे कानपुर, नागपुर, जयपुर, रामपुर, रायपुर, जोधपुर, जबलपुर, इत्यादि। अब सवाल उठता है कि इन शहरों और गांवों के नामों के साथ “पूर” क्यों जोड़ा जाता है ( why is the word Pur used before the name of a city or village) ? तो चलिए, इस सवाल का जवाब जानते हैं… “पूर” एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है किला। इतिहास के पन्नों में इस शब्द का उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है, जिसे भारत का सबसे प्राचीन ग्रंथ माना जाता है। महाभारत काल से ही गांव और शहरों के नामों के साथ “पूर” शब्द का प्रयोग होता रहा है। इस शब्द का इस्तेमाल उन स्थानों को पहचानने के लिए किया जाता था, जो पहले किलों या मजबूत किलेदार क्षेत्रों के रूप में जाने जाते थे। इस तरह, जब हम “पूर” शब्द को किसी शहर या गांव के नाम के साथ जोड़ते हैं, तो यह हमें उस स्थान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सामरिक महत्व की याद दिलाता है।

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