Kohramlive : ”फादर्स डे” जून के तीसरे हफ्ते के संडे को मनाने का पुराना रिवाज है। मतलब, इस बार 18 जून को मनाया जायेगा। पिता के कर्त्तव्यों के आगे नतमस्तक और उनके प्यार को लेकर मान-सम्मान के इस दिन के बारे में शायद आपको यह पता नहीं होगा कि आखिर जून महीने के तीसरे हफ्ते के संडे को ही फादर्स डे क्यों मनाया जाता है, इसका इतिहास क्या है? आईये जानते हैं, इसकी शुरूआत होने की कहानी…..
इस दिन की शुरूआत होने की कहानी तब की है, जब अमेरिका गृहयुद्ध की मार झेल रहा था। यहां एक कैप्टन विलियम जैक्सन स्मार्ट की बेटी ने अपने पिता के बलिदान को जून महीने में ही सलाम किया था। इसके पीछे की वजह यह थी कि कैप्टन ने अपनी पत्नी जैक्सन स्मार्ट के बलिदान के बाद खुद अपने बच्चों का लालन-पोषण किया था। इसी त्याग को बेटी सोनोरा ने जून के महीने में सलाम किया और तब से फादर्स डे के रूप में इस दिन को मनाया जाने लगा। फादर्स डे मनाने की शुरूआत तभी से मानी जाती है।
हालांकि फादर्स डे के बारे में यह भी कहा जाता है कि 1907 में पहली बार अनाधिकृत तौर पर फादर्स डे मनाया गया। वहीं 1910 से इसकी शुरुआत आधिकारिक रूप से की गई। सोनोरा स्मार्ट डोड ने ही इस डे को मनाने का प्रस्ताव पेश किया था। ये वही सोनोरा स्मार्ट डोड थीं जिनके पिता कैप्टन विलियम जैक्सन स्मार्ट ने उनकी मां की आकस्मिक निधन के बाद उनका और उनके भाईयों की देखभाल की थी। वह अपने पिता को सम्मान दिलाना चाहती थी। हालांकि उनका इस प्रस्ताव को लेकर खूब उपहास किया गया लेकिन बाद में लोगों ने इसे समझा और फिर तब से लेकर अब तक जून महीने के तीसरे हफ्ते के रविवार को यह फादर्स डे मनाए जाने लगा।
इसे भी पढ़ें : 6272 युवाओं का भला कर गया CM की यह योजना… देखें कैसे
इसे भी पढ़ें : गुड़िया और पूजा के चक्कर में बाप का माथा फिरा, ”कौन नयकी, कौन पुरनकी, हम का जानें”
इसे भी पढ़ें : आम तोड़ने के चक्कर में दो सगे भाइयों की मौ’त… देखें कैसे
इसे भी पढ़ें : वाटर पार्क निदेशक पर हमला पर बिफरे रघुवर, किसे फोन किया… जानें
इसे भी पढ़ें : रांची में टल गई बड़ी वारदात… देखें कैसे














