Kohramlive Desk : CBSE 12वीं के रिजल्ट संबंधी मार्किंग स्कीम के मुताबिक उन छात्रों को कंपार्टमेंट दिया जाएगा, जो एक विषय में फेल हो जाएंगे। जो स्टूडेंट एक से अधिक विषयों में पास मार्क्स हासिल नहीं कर पाएंगे, उन्हें फेल (एसेंशियल रिपीट ) किया जाएगा। सीबीएसई के नियम के मुताबिक किसी विषय में पास होने के लिए उस विषय में 33 फीसदी मार्क्स होने जरूरी हैं।
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थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में पास होना जरूरी
नियमानुसार थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों अलग-अलग पास होना अनिवार्य है। जैसा कि घेषितज किया गया है, 12वीं के परिणाम 31 जुलाई तक आने की संभावना है। जिन छात्रों कंपार्ट होंगे, उनकी परीक्षा हालात ठीक होने पर कराई जाएगी। जो फेल होंगे, उन्हें अगले वर्ष ही परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। उनके लिए पूरी कक्षा रिपीट करना अनिवार्य होगा।
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परीक्षा परिणाम समिति में 5 सदस्य
प्रत्येक स्कूल अपने यहां परीक्षा परिणाम समिति बनाएगा जिसमें 5 सदस्य होंगे। इसमें विद्यालय के प्राचार्य अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा कक्षा-बारहवीं को पढ़ाने वाले स्कूल के वरिष्ठतम 2 शिक्षक होंगे। 2 शिक्षक कक्षा-बारहवीं को पढ़ाने वाले पड़ोसी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक होगें।12वीं के यूनिट टेस्ट, मिड टर्म या प्री-बोर्ड एग्जाम के थ्योरी के अंकों के आधार पर 40 अंकों का वेटेज मिलेगा। रिजल्ट कमेटी तय करेगी कि किस टेस्ट के आधार पर वेटेज दिया जाए। कोई स्कूल प्री-बोर्ड के हिसाब से तय कर सकता है तो कोई यूनिट टेस्ट से।












