Hazaribagh (Sunil Sahu/Shiv Narayan Sahu) : शुक्रवार की भोर में हजारीबाग का केरेडारी-बड़कागांव बॉर्डर इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। यह गोलियां हजारीबाग पुलिस और TPC के उग्रवादियों के बीच चल रही थी। इस मुठभेड़ में एक उग्रवादी के पैर में गोली लगी और वह जख्मी हो गया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी पहचान टीपीसी के खूंखार सबजोनल कमांडर अर्जुन कर्माली के रूप में की गई। इस बात का खुलासा आज जिले के पुलिस कप्तान मनोज रतन चोथे ने प्रेस कांफ्रेंस कर किया।
पुलिस कप्तान ने बताया कि 2 महीने पहले माओवादियों के एक दस्ते से साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में पुलिस का जवान जख्मी हो गया था। खबरीलाल ने सूचना दी कि माओवादियों का वही दस्ता केरेडारी-बड़कागांव बॉर्डर के जंगल में आज मौजूद है। इस टीम में सबजोनल कमांडर अर्जुन करमाली भी शामिल है। किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने कि फिराक में है। पुलिस कप्तान ने सूचना को गंभीरता से लिया। बड़कागांव और केरेडारी थानेदार को टीम बनाकर माओवादियों को दबोचने का टास्क दिया। पुलिस की टीम जंगल की ओर चल पड़ी। जब माओवादियों की नजर आती हुई पुलिस टीम पर पड़ी तो गोलीबारी शुरू कर दी। कुल पांच राउंड गोलियां चलाई गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी। इस गोलीबारी में अर्जुन करमाली जख्मी हो गया। उसके पैर में गोली लगी। उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं उसके साथी भाग निकलने में कामयाब रहे। पुलिस कप्तान ने बताया कि गिरफ्तार अर्जुन करमाली पहले भी जेल जा चुका है। रंगदारी, किसी भी घटना को अंजाम देना और जहां-तहां गोली चलाना इसकी फितरत। रांची, हजारीबाग, रामगढ़ और चतरा में वह सबसे ज्यादा एक्टिव था। उसके धरे जाने के बाद इन इलाकों में TPC की वारदातों में कमी आयेगी। सुनें क्या बोले पुलिस कप्तान मनोज रतन चोथे…
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