Palamu : रात थी गहरी और बोहला के बाघामाड़ा टोला में एक विवाहिता विमला देवी अपने पति के संग आंगन में नींद की गोद में थी। एक आम औरत, जो ना राजनीति जानती थी, ना साजिश, लेकिन फिर भी उसकी सांसें छीन ली गईं, टोना-टोटका के शक में। गांव के ही 23 साल के गौतम भुइंया को यह शक था कि विमला डायन है। गिरफ्तार गौतम ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुये बताया कि उसके परिवार की बीमारियों का कारण विमला देवी की “छाया” थी।
उसके इस भ्रम ने उसे हत्यारा बना दिया। वह अकेला नहीं था इस खून की पटकथा में, उसके साथ उसका दूर का भाई विनोद भुइंया और हत्या के लिये 80 हजार में खरीदे गये शूटर सकेंद्र उरांव, याद अली उर्फ सोनू अली और एक तीसरा शख्स, जो अब भी फरार है। उसने पुलिस को बताया कि सबसे पहले विमला देवी के घर की रेकी हुई। इसके बाद प्लानिंग की गई। इसके बाद बाइक में आये शूटरों ने विमला को गोली मार दी। विमला के पति हरि भुइंया की आंखों के सामने उसकी जीवन संगिनी दम तोड़ गई। इस तरह अंधविश्वास की आंधी ने फिर एक औरत की जिंदगी लील ली। पलामू पुलिस कप्तान रिष्मा रमेशन ने इस कांड को गंभीरता से लिया। आगे का टास्क छत्तरपुर के थानेदार प्रशांत प्रसाद को सौंपी गया। पुलिस ने पेशेवर शूटर सकेंद्र और याद अली को अरेस्ट कर लिया। वहीं फरार की तलाश जारी है। बरामद मोबाइल फोन से हत्या की साजिश के कई सबूत हाथ लगे हैं।










