Ranchi : लोकसभा में सांसदों के निलंबन की बरसात के बाद एक ही चर्चा चारों तरफ, आखिर भाजपा की रणनीति क्या है और इससे देश को क्या मैसेज देना चाहते हैं? नाम नहीं छापने की शर्त पर झारखंड भाजपा के एक दिग्गज नेता का कहना है कि मैसेज बहुत साफ है। भाजपा PM मोदी की ‘नो-नॉनसेंस प्राइम मिनिस्टर’ की छवि बनाना चाहती है। दुनिया भर में देश की छवि जब मजबूत दिखाई देने लगी हो, तो उसके मुखिया की भी छवि कड़े फैसले लेने वाली बननी चाहिये। इस नेता का कहना है कि दरअसल पार्टी के भीतर कुछ लोगों का कहना था कि अगर साल 2019 में जनता ने NDA को बड़े जनादेश दिया तो वे संसद के भीतर अनुशासनहीनता क्यों बर्दाश्त कर रहे हैं? संसद और देश न चला पायें तो ये उनकी गलती होगी। संभवत इसी सोच के साथ ताबड़तोड़ निलंबन के फैसले हुये जिससे मैसेज जाये कि सरकार संसद के भीतर बहस के लिए तो तैयार है, लेकिन नियमों के खिलाफ हंगामा करना अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
कुल मिलाकर भाजपा की कोशिश है कि 2024 के आम चुनावों के लिए नरेंद्र मोदी की छवि दमदार प्रधानमंत्री की बना दी जाये, बाकी बचे तीन-चार महीनों में इस छवि को और मजबूत करने की कोशिश होगी। संदेश साफ है कि लोकतंत्र के नाम पर विपक्ष की ब्लैकमेलिंग बर्दाश्त नहीं की जायेगी। तीन बड़े राज्यों में उम्मीद के विपरीत बड़ा जनादेश मिलने से पार्टी का इकबाल बुलंद है। अंदाजा है कि सांसदों के ताबड़तोड़ निलंबन से उनकी छवि मजबूत सरकार की बनेगी और आने वाले चुनावों में इससे फायदा होगा। अबतक 141 सांसद इस सत्र के लिये निबंबित किये जा चुके हैं। वहीं विपक्ष के कुछ नेताओं का कहना है कि भाजपा भी अब ‘वन मैन पार्टी’ बनने की राह में बढ़ गई है।
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