Kohramlive : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच टकराव खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। दावे, धमाके और धमकियां, सब कुछ एक साथ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम से उत्पन्न खतरे को खत्म करने का यह “आखिरी और सबसे अच्छा मौका” है। अमेरिका और इजराइल ने दावा किया है कि ईरान में बैलिस्टिक मिसाइल सुविधाओं और नौसेना बलों सहित 1,250 से अधिक ठिकानों पर हमले किये गये हैं। यह भी दावा किया गया है कि इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गये हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने जवाबी कार्रवाई की कसम खाई है। उसके सहयोगी संगठन भी इजराइल और क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। तेहरान ने सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने पश्चिमी सेनाओं की सहायता की तो वे “वैध सैन्य लक्ष्य” होंगे। इस बीच कतर के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि अमेरिकी ठिकानों पर हमले को बिना जवाबी कार्रवाई के नहीं छोड़ा जा सकता। सेंटकॉम ने पुष्टि की है कि ऑपरेशन “एपिक फ्यूरी” के दौरान 3 अमेरिकी सैनिक मारे गये और 5 गंभीर रूप से घायल हुये।
भारत का रेस्क्यू प्लान: 58 उड़ानें तैयार
जंग की आंच का असर हवाई सेवाओं पर साफ दिख रहा है। कुछ एयरस्पेस बंद हैं, उड़ानें रद्द हो रही हैं। केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि पश्चिम एशिया में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिये बुधवार को 58 विशेष उड़ानें संचालित की जायेंगी। खबर है कि भारतीय कंपनियों की 1,221 उड़ानें अबतक रद्द हो चुकी है, वहीं, विदेशी एयरलाइंस की 388 उड़ानें रद्द हुई। आज भारतीय कंपनियों द्वारा 24 उड़ानें संचालित की जा रही हैं। एमिरेट्स और एतिहाद ने पिछले 24 घंटे में 9 उड़ानें चलाई हैं। इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेंगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि हवाई किरायों की कड़ी निगरानी की जा रही है, ताकि टिकटों की कीमतों में अनुचित बढ़ोतरी न हो। एयर इंडिया ने यूएई, सऊदी अरब, इजरायल और कतर के लिये कई उड़ानों का निलंबन 4 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है।










