Chouparan(Krishna Paswan) : हजारीबाग का सबसे बड़ा प्रखंड चौपारण, जहां रोजाना जीटी रोड पर होने वाली सड़क दुर्घटनायें अस्पताल की चौखट तक जिंदगी और मौत की जंग लाकर पटक देती हैं। लेकिन अफसोस, यहां का CHC (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र)खुद ही बीमार हालत में है। शनिवार को जिला स्वास्थ्य विभाग के DPM समरेश सिंह जब औचक निरीक्षण पर पहुंचे तो अस्पताल की दीवारें मानो अपने जख्म खुद दिखा बैठीं। जगह-जगह पानी का रिसाव, छत से टपकती बूंदें जैसे कह रही हों, “मरम्मत के नाम पर सिर्फ लीपापोती हुई है।” DPM ने प्रभारी चिकित्सक डॉ. फरहाना महफूज को तत्काल मरम्मती कराने का निर्देश दिया। वहीं, वर्षों से धूल फांक रही एक्स-रे मशीन को चालू करने के लिये तुरंत पहल करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी खामियां MBBS चिकित्सकों की भारी कमी पाई गई। अस्पताल में रोजाना 200 से अधिक मरीज आते हैं। लेकिन डॉक्टरों की संख्या बेहद सीमित है। हाल ही में नियुक्त डॉ. धर्मराज ठाकुर अब तक OPD में नियमित सेवा नहीं दे पाये हैं। जीटी रोड पर आये दिन दुर्घटनायें होती हैं और घायल सीधे इसी अस्पताल में लाये जाते हैं। ऐसे में डॉक्टरों की कमी पूरे तंत्र को चरमराकर रख देती है। DPM ने साफ कहा कि “जितनी जल्दी हो सके, अतिरिक्त चिकित्सकों की नियुक्ति जरूरी है।” कुछ वर्ष पहले DMFT फंड से अस्पताल का सौंदर्यीकरण और मरम्मत हुआ था। लेकिन अब भवन से टपकता पानी ठेकेदार की कार्यशैली की पोल खोल रहा है। चौपारण का यह अस्पताल उस टूटी छत की तरह है जो हर मरीज की उम्मीद को भीगने पर मजबूर कर रहा है।










