LATEHAR : बेतला नेशनल पार्क में एक हाथी के बच्चे की मौत हो जाने की फैली खबर के बाद गांववाले दुखी हो गये। उनका इल्जाम था कि वन विभाग के कर्मचारियों की अनदेखी और लापरवाही की वजह से एक हाथी के बच्चे की जान चली गई। हाथी का बच्चा अपने झुंड से बिछड़ नदी में गिर गया था। उसे रेस्क्यू के बाद लातेहार के बेतला नेशनल पार्क में हिफाजत से रखे गये हाथी के बच्चे की अगर देखभाल बढ़िया से की जाती तो यह नौबत नहीं आती। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहा था। आज गांववालों को पता चला कि बीमार हाथी का बच्चा मर गया, उसे दफनाने के लिये वन विभाग के कुछ लोग ले जा रहे हैं।
यह सुन दुखी गांववाले सड़क पर उतर आये और मृत हाथी को ले जा रहे वाहन को घेर लिया। वहीं वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि हाथी के बच्चे का बेहतर इलाज कराया गया, परंतु उसे बचाया नहीं जा सका। गांववालों का कहना था कि हाथी का यह बच्चा पार्क के लोगों के साथ घूल मिल गया था। हाथी के बच्चे ने ट्रैकर वंशी यादव को मां बना लिया था और उसी के साथ खाता, सोता और घूमता था। रात के अंधेरे में भी हाथी का बच्चा वंशी यादव को खोज लेता था और उसके बगल में सो जाता है। इस बच्चे की देखभाल को लेकर वंशी यादव और रघुनाथ नामक ट्रैकर की ड्यूटी लगाई गई थी।
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