Ranchi : राजधानी रांची में शनिवार का दिन ज्ञान, गर्व और प्रेरणा से भरा रहा। Indian Institute of Management Ranchi के 15वें दीक्षांत समारोह में देश के उपराष्ट्रपति(Vice President) सीपी राधाकृष्णन ने मेधावी विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल प्रदान किये। इस खास मौके पर उन्होंने युवाओं को सफलता के साथ नैतिकता और चरित्र को भी जीवन का आधार बनाने की सीख दी। वहीं, युवाओं से ड्रग्स जैसे घातक नशे से दूर रहने की अपील करते हुये इसके खतरों को लेकर गंभीर चिंता जताई।
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि तीन साल बाद इस संस्थान में आना उनके लिये बेहद खुशी की बात है। उन्होंने झारखंड के गर्वनर संतोष कुमार गंगवार के साथ मंच साझा करते हुये अपने उस दौर को भी याद किया जब वे झारखंड के राज्यपाल थे। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने IIM रांची की प्रगति को करीब से देखा है और संस्थान ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
उपराष्ट्रपति(Vice President) ने छात्रों से कहा कि प्रबंधन शिक्षा सिर्फ बोर्डरूम और बैलेंस शीट तक सीमित नहीं होनी चाहिये। शिक्षा को समाज से जुड़ना चाहिये। वास्तविक समस्याओं का समाधान देना चाहिये और समावेशी विकास में योगदान करना चाहिये। उन्होंने कहा कि जीवन में ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं जो लोगों की आजीविका, विश्वास और समाज के भविष्य को प्रभावित करते हैं। इसलिये सफलता का पैमाना सिर्फ उपलब्धियां नहीं, बल्कि मूल्य और नैतिकता भी होना चाहिये।
‘शॉर्टकट नहीं, चरित्र को चुनें’
अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं को साफ संदेश दिया कि नैतिक नेतृत्व और ईमानदारी ही मजबूत संस्थानों की नींव है। शॉर्टकट से नहीं, बल्कि चरित्र और उद्देश्य से सफलता मिलती है। उन्होंने युवाओं से 2047 के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान भी किया। उपराष्ट्रपति ने इस मौके पर राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार का ध्यान संस्थान तक आने वाली सड़क की स्थिति की ओर भी दिलाया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचने वाला रास्ता फोरलेन होना चाहिये, ताकि छात्रों और आगंतुकों को बेहतर सुविधा मिल सके।
कार्यक्रम में राज्यसभा उपसभापति हरिवंश ने डिग्री लेने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुये कहा कि बदलते समय के साथ युवाओं की जिम्मेदारी भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि एआई के इस दौर में अवसर असीमित हैं, लेकिन इन अवसरों का सही उपयोग करना युवाओं की क्षमता पर निर्भर करेगा। कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने भी छात्रों को संबोधित किया।
दोनों नेताओं ने युवाओं से भगवान कृष्ण के उपदेश और गीता के ज्ञान से प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ने की अपील की। इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने IIM रांची द्वारा विकसित देश के पहले बी-स्कूल वर्चुअल रियलिटी केस रिपॉजिटरी का भी शुभारंभ किया। यह पहल प्रबंधन शिक्षा को नई तकनीक और आधुनिक शिक्षण पद्धति से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
558 विद्यार्थियों को मिली डिग्री
दीक्षांत समारोह में कुल 558 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें 26 पीएचडी, 11 पीएचडी (एग्जीक्यूटिव), 251 MBA, 62 MBA-HRM, 50 MBA–BA, 50 MBA (एग्जीक्यूटिव), 73 IPM (BBA+MBA), 35 IPM (BBA) शामिल हैं। उपराष्ट्रपति ने 7 मेधावी विद्यार्थियों को मेडल और विशेष पुरस्कार भी प्रदान किये।
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