Ranchi : हूल दिवस के मौके पर वीर शहीद सिदो-कान्हू को याद किया गया। मौके पर PM मोदी ने भी उन्हें नमन किया। PM ने ट्वीट कर लिखा कि ‘हूल दिवस’ पर हमारे आदिवासी समाज के वीर-वीरांगनाओं को शत-शत नमन। यह विशेष अवसर हमें अन्याय के खिलाफ सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो समेत कई अन्य पराक्रमियों के शौर्य और साहस का स्मरण कराता है। उनके संघर्ष की गाथा देशवासियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।

उनके जन्मस्थली यानी बरहेट, साहिबगंज के भोगनाडीह में सीएम हेमंत सोरेन ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी प्रतिमा पर फूलमाला चढ़ा उन्हें नमन किया। हूल की 167वीं वर्षगांठ पर CM ने सोशल मीडिया पर लिखा- हूल क्रांति के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू जी की जन्मस्थली भोगनाडीह में वीर शहीद सिदो-कान्हू जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके वंशजों से मुलाकात की। उनका कुशलक्षेम जाना तथा उन्हें सम्मानित करने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। CM बीते कल शाम को सवा 7 के करीब रांची रेलवे स्टेशन से रांची-भागलपुर वनांचल एक्सप्रेस से बरहरवा के लिए रवाना हुए थे। जिसके बाद आज भोर में 5:50 बजे बरहरवा रेलवे स्टेशन पर पहुंचे।
शहीद सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि देने के बाद CM ने शहीद के वंशजों से मुलाकात की। विभिन्न सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। रात 10 बजे CM फिर बरहरवा रेलवे स्टेशन से भागलपुर-रांची वनांचल एक्सप्रेस से ही रांची के लिये रवाना हो जायेंगे।
संथाल हूल ही आजादी की पहली लड़ाई थी। चारों भाइयों सिदो, कान्हू, चांद और भैरव के साथ फूलो और झानो ने अंग्रेजों और महाजनों से जमकर लोहा लिया। रानी लक्ष्मीबाई से काफी पहले इन्होंने आजादी की ज्वाला जलाई थी। फूलो-झानो को इतिहास में शायद ही लोग जानते हैं।
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