Kohramlive : न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में IPL 2026 के एलिमिनेटर का मैदान था, लेकिन शो पूरी तरह एक ही खिलाड़ी ने लूट लिया, राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी। 29 गेंदों में 97 रन… और हर शॉट के साथ ऐसा लग रहा था जैसे गेंद नहीं, रिकॉर्ड उड़ रहे हों। 12 छक्के और 5 चौके की बरसात ने स्टेडियम को झूमने पर मजबूर कर दिया। शतक बस एक सांस दूर था, लेकिन अगली ही गेंद ने कहानी बदल दी। अगर वह एक गेंद और टिक जाते, तो IPL इतिहास में सबसे तेज शतक दर्ज हो जाता। वैभव 2013 में क्रिस गेल के 30 गेंदों वाले तूफान को पीछे छोड़ जाते। लेकिन किस्मत ने यहां थोड़ा इंतजार करवा दिया। फिर भी जो हुआ, वह किसी शतक से कम नहीं था। स्ट्राइक रेट 334.48… यानी हर गेंद पर हमला, कोई रहम नहीं।
16 गेंदों में फिफ्टी और वह भी प्लेऑफ के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक के रिकॉर्ड की बराबरी। सुरेश रैना का नाम बराबरी पर आ गया, लेकिन मंच अब एक नये सितारे के नाम था। और असली धमाका तो पूरे सीजन का है। वैभव अब 65 छक्कों के साथ एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। क्रिस गेल का 59 छक्कों वाला ‘यूनिवर्सल’ रिकॉर्ड भी टूट चुका है। गेंद जहां-जहां गई, वहां-वहां इतिहास लिखा गया।
एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के
65 — वैभव सूर्यवंशी
59 — क्रिस गेल
52 — आंद्रे रसेल
51 — क्रिस गेल
45 — जोस बटलर
मैच में टॉस जीतकर सनराइजर्स हैदराबाद ने गेंदबाजी चुनी थी, कुछ बदलाव भी किये गये, लेकिन कहानी का फोकस सिर्फ एक था — वैभव का विस्फोट। कह सकते हैं, ये सिर्फ पारी नहीं थी… IPL की स्पीड-डायल पर लिखा गया नया अध्याय था।
इसे भी पढ़ें : झुलसते झारखंड पर अब मेघों की दस्तक, इस रोज से बदलेगा मौसम…
इसे भी पढ़ें : खेत-खलिहान बचाने की तैयारी में जुटा प्रशासन…
इसे भी पढ़ें : प्यास से तड़पता रहा रांची, खरीदकर पीना पड़ा पानी…
इसे भी पढ़ें : रांची में निकला फ्लैग मार्च, ताकि कायम रहे अमन…
इसे भी पढ़ें : बेटा बंधुआ मजदूर, बाप पर 1 करोड़ का ईनाम…






